कैबिनेट मंजूरी: Nashik–Solapur–Akkalkot कॉरिडर की छह-लेन परियोजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति ने नई छह-लेन ग्रीनफील्ड सड़क को मंजूरी दे दी। यह Nashik–Solapur–Akkalkot कॉरिडर महाराष्ट्र में BOT (टोल) मोड के अंतर्गत बनेगा। कुल पूंजी लागत 19,142 करोड़ रुपए है और इसकी लंबाई लगभग 374 किलोमीटर ही रहेगी। यह कदम परिवहन संरचना को एकीकृत करने और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से लिया गया है। यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार में एक प्रमुख सुधार कदम माना जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, परियोजना क्षेत्रीय आवाजाही और लॉजिस्टिक्स को सक्षम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पुल की तरह काम करेगी। ग्रीडफील्ड होने के कारण भूमि-अधिग्रहण और पर्यावरण मानक भी उच्चतम मानकों के अनुरूप होंगे। इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए निजी निवेश और सरकारी सहायता मिलाकर एक संतुलित फंडिंग मॉडल अपनाया जाएगा।
परियोजना के उद्देश्य, क्षेत्रीय लाभ और प्रभाव
यह कॉरिडोर Nashik से Solapur और Akkalkot तक की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। यातायात समय में कमी और माल आवाजाही की लागत में कमी की उम्मीद है। ग्रीनफील्ड परियोजना होने से भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण मानक उन्नत रहेंगे। निर्माण के साथ स्थानीय रोजगार और औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्रीय आय में वृद्धि संभव है। योजना से क्षेत्रीय बाजारों के बीच संपर्क सुधरेगा और ग्रामीण क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। BOT मोड के जरिये निजी क्षेत्र की भागीदारी से गुणवत्तापूर्ण और समय पर परियोजना पूरी होने के समय की संभावना बढ़ती है। टोल दरें और प्रदर्शन अवधि निविदा प्रक्रिया में तय होंगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
वित्तपोषण संरचना और मॉडेल
यह परियोजना BOT मोड में चलेगी और निजी भागीदारी के साथ सार्वजनिक-निजी साझेदारी (PPP) के ढांचे में वित्त.port करेगी। कुल लागत के बड़े हिस्से में निजी निवेश आएगा, जबकि शेष सरकारी सहायता से पूरक होगा। इस मॉडल से निर्माण क्षमता तेज होगी और ऑपरेशन-मेंन्टेन्स लागतों पर नियंत्रण संभव रहेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ी यह योजना क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नया मोड़ देगी और उत्पादकता बढ़ाने में योगदान करेगी। निविदा प्रक्रिया के दौरान टोल राजस्व निर्धारण और concession अवधि जैसी शर्तें स्पष्ट होंगी ताकि निवेशक भरोसेमंद माहौल में भागीदारी करें। सरकार और NHAI के सहयोग से टेंडरिंग की शर्तें निर्धारित होंगी।
आगे की राह: मार्ग का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और पहुँच
यह कॉरिडोर महाराष्ट्र के औद्योगिक गलियारों के साथ संयुक्त रूप से कार्य करेगा, जिससे यातायात दक्षता में वृद्धि होगी। उच्च मानक निर्माण, सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि इस कॉरिडोर से यात्रियों और व्यवसायों को तेज लाभ मिले और क्षेत्रीय समृद्धि तेजी से आये। अगले चरण में निविदा प्रक्रियाओं की जटिलताओं को कम करने के लिए स्पष्ट कदम उठाए जाएंगे। यह मार्ग Nashik, Solapur और Akkalkot क्षेत्र के बीच आर्थिक संतुलन बनाने में मदद करेगा। आधिकारिक घोषणाओं के साथ प्रामाणिक जानकारी MoRTH, PIB और NHAI जैसी साइटों पर उपलब्ध होगी।
अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक देखें: MoRTH, PIB, NHAI.
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