रूस में वापसी कर रहे हैं पुराने विमान
रूस का वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण गहराती बेड़े की कमी का सामना कर रहा है। इस संकट से निपटने के लिए देश अब दशकों पुराने विमानों को सक्रिय सेवा में वापस लाने की तैयारी कर रहा है। यह कदम प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने की एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
प्रतिबंधों ने बढ़ाई समस्या
पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण रूस को नए विमानों की आपूर्ति और उनके रखरखाव में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विमानन उद्योग पर यह दबाव घरेलू उड़ानों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी दोनों को प्रभावित कर रहा है। बेड़े के आकार में कमी ने सेवाओं में व्यवधान पैदा किया है। इस स्थिति ने सरकार को वैकल्पिक समाधान तलाशने के लिए मजबूर किया है।
पुराने विमानों का पुनरुद्धार
रिपोर्ट्स के अनुसार, रूसी अधिकारी अब लंबे समय से संग्रहीत या सेवामुक्त किए गए पुराने विमानों को फिर से चालू करने पर विचार कर रहे हैं। इनमें कई दशक पुराने एयरफ्रेम शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए व्यापक मरम्मत और नवीनीकरण से गुजरना होगा। इस प्रक्रिया में तकनीकी विशेषज्ञता और समय दोनों की आवश्यकता होगी।
विमानन क्षेत्र में यह रणनीतिक बदलाव अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के मानकों के अनुपालन पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक अस्थायी समाधान हो सकता है। दीर्घकालिक चुनौतियों के लिए एक स्थायी रणनीति की आवश्यकता है।
भविष्य के लिए चुनौतियाँ
पुराने विमानों को फिर से शामिल करना रूसी विमानन उद्योग के लिए एक जटिल चुनौती है। इन विमानों का ईंधन दक्षता और उत्सर्जन मानकों पर प्रदर्शन आधुनिक विमानों से कम होगा। इसके अलावा, विशेष पुर्जों की उपलब्धता एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
इस संकट ने रूस को अपने घरेलू विमानन उद्योग को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। देश अब आयात पर निर्भरता कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हालांकि, इस लक्ष्य को प्राप्त करने में कई साल लग सकते हैं। तब तक पुराने विमानों का पुनरुद्धार एक महत्वपूर्ण बंदोबस्ती बना रहेगा।
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