शिराकावागो: पर्यटन के बढ़ते दबाव में एक यूनेस्को स्थल
जापान के गिफू प्रीफेक्चर में स्थित शिराकावागो गाँव संकट में है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल रिकॉर्ड पर्यटन संख्या के दबाव का सामना कर रहा है। 2024 में 20 लाख से अधिक आगंतुकों ने गाँव का दौरा किया। इनमें से 11 लाख विदेशी पर्यटक थे। मात्र 500 की आबादी वाले गाँव के लिए यह संख्या चुनौतीपूर्ण है।
बुनियादी ढाँचे और स्थानीय जीवन पर प्रभाव
पर्यटन में वृद्धि ने गाँव के संसाधनों पर दबाव डाला है। संकरी सड़कों पर यातायात जाम एक बड़ी समस्या है। वर्ष में लगभग 30 दिन भीषण भीड़ रहती है। रेलवे पहुँच न होने से स्थिति और जटिल हुई है। पर्यटक बसों और निजी वाहनों पर निर्भर हैं। इससे स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन में बाधा आती है। कचरा प्रबंधन और चिकित्सा सेवाएँ भी प्रभावित हुई हैं। जापान पर्यटन के लिए यह एक गंभीर मुद्दा बन गया है।
सांस्कृतिक और पर्यावरणीय चुनौतियाँ
सर्दियों में बर्फ से ढके लैंडस्केप पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। कुछ आगंतुकों के व्यवहार से स्थानीय निवासी परेशान हैं। निजी घरों के सामने स्नोबॉल फाइट और बिना अनुमति स्नोमैन बनाना आम हो गया है। पिघलती बर्फ में ग्लव्स और कचरा दिखाई देता है। यह कचरा चावल के खेतों में जमा हो जाता है। पर्यावरण संतुलन के लिए यह खतरनाक है। यूनेस्को विश्व धरोहर की स्थिति भी खतरे में पड़ सकती है।
टिकाऊ पर्यटन की दिशा में प्रयास
स्थानीय अधिकारी समाधान ढूँढ रहे हैं। ऑफ-सीजन यात्रा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पर्यटकों को सांस्कृतिक संवेदनशीलता के बारे में शिक्षित किया जा रहा है। पीक सीजन में आगंतुकों की संख्या सीमित करने पर विचार हो रहा है। इको-फ्रेंडली प्रथाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। लक्ष्य गाँव की विरासत को संरक्षित रखना है।
भविष्य की राह और यात्रियों के लिए सलाह
शिराकावागो की सुंदरता बनाए रखने के लिए सहयोग जरूरी है। आगंतुकों को स्थानीय रीति-रिवाजों का सम्मान करना चाहिए। पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए। कम भीड़ वाले समय में यात्रा करनी चाहिए। जिम्मेदार पर्यटन अभ्यास अपनाने चाहिए। इससे गाँव की प्रामाणिकता बनी रहेगी। आने वाली पीढ़ियाँ भी इसकी सुंदरता का आनंद ले सकेंगी।
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