भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग में सुधार
भारत के पासपोर्ट की वैश्विक स्थिति में सापेक्षिक सुधार हुआ है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 के अनुसार भारत 80वें स्थान पर पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में पांच स्थान का उछाल है।
वीजा-मुक्त पहुंच में हुई मामूली गिरावट
हालांकि वैश्विक रैंकिंग बेहतर हुई है। पर भारतीय यात्रियों के लिए वीजा-मुक्त गंतव्यों की संख्या घटी है। यह संख्या अब 57 से कम हो गई है। यह एक मामूली गिरावट को दर्शाता है।
यह रुझान वैश्विक यात्रा प्रतिबंधों में बदलाव को दिखाता है। कई देशों ने अपनी वीजा नीतियां संशोधित की हैं। इसका असर विभिन्न पासपोर्ट धारकों पर पड़ा है। भारत का मामला भी इससे अछूता नहीं रहा।
हेनले इंडेक्स क्या है?
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स एक प्रमुख रैंकिंग है। यह दुनिया के पासपोर्टों की ताकत मापता है। यह वीजा-मुक्त पहुंच के आधार पर क्रम तय करता है। इस सूची में जापान और सिंगापुर अक्सर शीर्ष पर रहते हैं। आप हेनले की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
भारत की बेहतर रैंकिंग एक सकारात्मक संकेत है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मजबूती को दर्शाता है। भविष्य में वीजा-मुक्त समझौते बढ़ सकते हैं। इससे भारतीय यात्रियों को लाभ मिलेगा। यात्रा और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
वैश्विक यात्रा प्रवृत्तियों पर नजर रखना जरूरी है। नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय यात्रा सलाह जारी करता रहता है। यात्रियों को अद्यतन नियमों की जांच करनी चाहिए। सही दस्तावेज होने से यात्रा सुगम होती है।
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