2035 तक चीन की सेना का सामना करने में अमेरिकी वायुसेना अक्षम!

अमेरिकी वायुसेना के युद्ध अभ्यास में चेतावनी

अमेरिकी वायुसेना के एक गोपनीय युद्ध अभ्यास से पता चला है कि वर्तमान आधुनिकीकरण योजनाएं 2035 तक चीन द्वारा ताइवान पर आक्रमण को रोकने के लिए अपर्याप्त हैं। यह सिमुलेशन चीन-ताइवान संघर्ष की एक संभावित परिदृश्य पर आधारित था। नतीजे चिंताजनक हैं और रणनीति में बदलाव की मांग करते हैं।

2035 की चुनौती और तैयारी की कमी

रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा अमेरिकी सैन्य योजनाएं और प्रौद्योगिकी विकास 2035 की समयसीमा तक प्रभावी जवाब देने में विफल रहेंगे। चीन की लगातार बढ़ती सैन्य शक्ति और ताइवान जलडमरूमध्य में उसकी बढ़ती पकड़ एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए तत्काल और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

एफ-47 और बी-21 बमवर्षक हैं महत्वपूर्ण

युद्ध अभ्यास में पाया गया कि केवल उन्नत वायु सेना के हथियार ही संतुलन बना सकते हैं। विशेष रूप से भविष्य के एफ-47 लड़ाकू विमान और बी-21 रेडर बमवर्षक किसी भी व्यवहार्य रणनीति की कुंजी हैं। ये प्रणालियां उच्च-स्तरीय खतरों का सामना करने में सक्षम होंगी।

ताइवान रक्षा रणनीति में बदलाव जरूरी

विश्लेषण से स्पष्ट है कि केवल मौजूदा बेड़े का आधुनिकीकरण पर्याप्त नहीं होगा। नई तकनीकों में तेजी से निवेश और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना आवश्यक है। रक्षा विभाग को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना चाहिए। ताइवान की सुरक्षा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम है।

भविष्य की दिशा और सिफारिशें

इस रिपोर्ट का उद्देश्य केवल चुनौती बताना नहीं है। यह एक कार्ययोजना प्रस्तुत करती है। अमेरिका और उसके सहयोगियों को तकनीकी विकास में तेजी लानी होगी। एक मजबूत रक्षा ढांचा ही क्षेत्र में शांति बनाए रख सकता है। आने वाले वर्ष निर्णायक साबित होंगे।

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