दुनिया का सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट 35वें विंग को मिला

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मिसावा एयर बेस पर F-35A लाइटनिंग II की तैनाती

अमेरिकी वायुसेना ने जापान के मिसावा एयर बेस पर F-35A लाइटनिंग II लड़ाकू विमानों को तैनात किया है। यह पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में पहली पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की तैनाती है। इस कदम से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य ताकत बढ़ेगी।

F-35A विमान अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक से लैस हैं। ये विमान किसी भी मौसम में काम कर सकते हैं। इस तैनाती का मकसद क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। अमेरिकी वायुसेना का कहना है कि इससे मित्र देशों के साथ साझेदारी बेहतर होगी।

मिसावा एयर बेस रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह उत्तरी जापान में स्थित है। यहां F-35A विमानों की तैनाती से चीन और उत्तर कोरिया जैसे देशों पर नजर रखी जा सकेगी। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस अभियान को “पैसिफिक डिटरेंस” नाम दिया है।

F-35A की तकनीकी विशेषताएं

F-35A विमानों में उन्नत रडार और सेंसर सिस्टम हैं। ये विमान दुश्मन के रडार से बच सकते हैं। इनकी गति 1.6 मैक तक है। ये विमान हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों मिशनों में सक्षम हैं। इस तैनाती से अमेरिकी सेना की क्षमता बढ़ेगी।

जापान में पहले से F-16 लड़ाकू विमान तैनात थे। अब F-35A की जगह लेगी। यह बदलाव क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगा। एयरफोर्स टेक्नोलॉजी के अनुसार, F-35A की तैनाती से सुरक्षा खर्च में 20% की बढ़त होगी।

क्षेत्रीय प्रभाव और चुनौतियां

चीन ने इस तैनाती पर चिंता जताई है। चीनी सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ेगा। अमेरिकी रक्षा सचिव ने इसे शांति के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि यह तैनाती किसी देश के खिलाफ नहीं है। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस की रिपोर्ट में इसे “डिफेंसिव स्ट्रैटेजी” बताया गया है।

जापान और अमेरिका के बीच सैन्य साझेदारी मजबूत होगी। इस तैनाती से दोनों देशों के संयुक्त अभ्यास बढ़ेंगे। F-35A विमानों की मदद से खुफिया जानकारी साझा की जा सकेगी। इससे सुरक्षा में सुधार होगा।

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