डेल्टा एयर लाइन्स के स्काईमाइल्स प्रोग्राम पर उठे सवाल
डेल्टा एयर लाइन्स का स्काईमाइल्स प्रोग्राम अब आलोचना का शिकार हो रहा है। यात्रियों का कहना है कि पुरस्कारों की कीमत कम हो गई है। पहली श्रेणी में अपग्रेड की सुविधा भी घट गई है। महामारी के बाद इस प्रोग्राम की विश्वसनीयता कमजोर पड़ गई है। कई ग्राहक अब इस प्रोग्राम से निराश हैं। उन्हें लगता है कि उनके माइल्स की वैल्यू घट रही है।
पुरस्कारों के मूल्य में गिरावट
डेल्टा ने अपने स्काईमाइल्स प्रोग्राम में कई बदलाव किए हैं। इन बदलावों ने यात्रियों को परेशान किया है। पहले जहां कम माइल्स पर टिकट मिल जाता था, अब ज्यादा माइल्स चाहिए। यह डेल्टा एयरलाइन्स की नीति का हिस्सा है। लेकिन यात्रियों को यह बदलाव पसंद नहीं आ रहा है। वे कहते हैं कि पुरस्कारों की गुणवत्ता में गिरावट आई है। फर्स्ट क्लास अपग्रेड भी अब दुर्लभ हो गए हैं।
पहली श्रेणी में अपग्रेड पर असर
पहली श्रेणी में अपग्रेड की सुविधा पहले आसान थी। अब यह मुश्किल हो गई है। डेल्टा ने अपग्रेड नियमों को सख्त कर दिया है। इससे फ्लायर टॉक जैसी साइटों पर चर्चा शुरू हो गई है। यात्रियों का मानना है कि उनके लिए अपग्रेड पाना मुश्किल हो रहा है। कई बार तो लंबी प्रतीक्षा सूची भी बन जाती है। यह सेवा की गुणवत्ता को कम कर रहा है।
महामारी के बाद विश्वसनीयता की कमी
महामारी के बाद डेल्टा का स्काईमाइल्स प्रोग्राम कमजोर हुआ है। यात्रियों को लगता है कि यह अब भरोसेमंद नहीं रहा। पहले जहां तय समय पर टिकट मिल जाता था, अब उसमें देरी होती है। डेल्टा ने कुछ बदलाव किए हैं, लेकिन वे पर्याप्त नहीं हैं। इससे ग्राहकों का भरोसा कम हुआ है। कई यात्री अब दूसरी एयरलाइन्स पर ध्यान दे रहे हैं।
भविष्य की चुनौतियां और सुधार की गुंजाइश
डेल्टा को इन समस्याओं का समाधान करना होगा। स्काईमाइल्स प्रोग्राम को पहले जैसा भरोसेमंद बनाना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो ग्राहक दूसरे विकल्प चुन सकते हैं। डेल्टा को पुरस्कारों की वैल्यू बढ़ानी चाहिए। अपग्रेड प्रक्रिया को भी सरल बनाना चाहिए। इससे यात्रियों का विश्वास फिर से जीता जा सकता है। आने वाले समय में डेल्टा के लिए यह बड़ी चुनौती होगी।
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