हर्मियस क्वार्टरहॉर्स एमके 2.1 ने मच 1.21 पर सुपरसोनिक उड़ान भरी
अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी हर्मियस ने अपनी क्वार्टरहॉर्स एमके 2.1 विमान की तीसरी परीक्षण उड़ान में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। यह विमान व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज (न्यू मैक्सिको) से उड़ा और मच 1.21 की गति प्राप्त की। यह आंकड़ा ध्वनि की गति (लगभग 1235 किमी/घंटा) से 1.21 गुना अधिक है। इस उड़ान ने वाणिज्यिक सुपरसोनिक यात्रा के लिए नई संभावनाएं खोल दी हैं।
हर्मियस का लक्ष्य हाइपरसोनिक यात्रा को वास्तविकता बनाना है। कंपनी के अनुसार, यह परीक्षण भविष्य के विमानों के लिए एक बड़ा कदम है। अन्य कंपनियां, जैसे बूम सुपरसोनिक और नासा भी ऐसी तकनीकों पर काम कर रही हैं। लेकिन हर्मियस का दावा है कि उनका इंजन डिजाइन अधिक कुशल है।
तीसरी परीक्षण उड़ान में मुख्य उपलब्धियाँ
यह तीसरी उड़ान विशेष रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि इसमें विमान ने पहली बार ध्वनि अवरोध को तोड़ा। हर्मियस के इंजीनियरों ने बताया कि यह सुपरसोनिक गति 5 मिनट तक बनाए रखी गई। परीक्षण के दौरान विमान के एयरफ्रेम और थर्मल प्रबंधन प्रणाली का भी सफल परीक्षण हुआ।
विमान टर्बोजेट इंजन से लैस है जो बिना आफ्टरबर्नर के भी सुपरसोनिक गति उत्पन्न कर सकता है। यह तकनीक ईंधन बचत और शोर कम करने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वाणिज्यिक उड़ानों को न्यूयॉर्क से लंदन तक 3 घंटे में पूरा कर सकता है।
भविष्य में क्वार्टरहॉर्स Mk 2.1 की भूमिका
हर्मियस का मुख्य उद्देश्य मानवरहित प्रोटोटाइप से लेकर मानवयुक्त हाइपरसोनिक विमान तक का सफर तय करना है। अगली पीढ़ी के क्वार्टरहॉर्स M2.2 में मच 5 तक की गति की परीक्षण योजना है। कंपनी का कहना है कि इस परियोजना के लिए हर्मियस को अमेरिकी वायुसेना और नासा से भी समर्थन मिल रहा है।
यह उपलब्धि सुपरसोनिक उड़ानों को फिर से परिभाषित कर सकती है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 2030 के दशक तक वाणिज्यिक हाइपरसोनिक उड़ानें संभव हो सकती हैं। हर्मियस की सफलता से भारत जैसे देशों को भी लाभ होगा जहां हवाई यात्रा तेजी से बढ़ रही है।
निष्कर्ष: सुपरसोनिक यात्रा का भविष्य
हर्मियस क्वार्टरहॉर्स Mk 2.1 की उड़ान ने साबित कर दिया कि सुपरसोनिक तकनीक अब केवल सैन्य उपयोग तक सीमित नहीं रहेगी। यह विमान ईंधन दक्षता और गति में संतुलन लाने वाला पहला सफल प्रोजेक्ट है। देखना दिलचस्प होगा कि कैसे यह तकनीक वाणिज्यिक विमानन में क्रांति लाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 10 वर्षों में हवाई यात्रा का चेहरा पूरी तरह बदल सकता है।
Related: जानें: दुनिया के सबसे तेज वाणिज्यिक जेट कैसे चलता है












