डिजीयात्रा विस्तार से हवाई यात्रा में क्रांति?

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय का बड़ा ऐलान: 27 और हवाई अड्डों पर डिजी यात्रा सुविधा

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म का विस्तार करने की घोषणा की है। अगले साल तक यह सुविधा 27 नए हवाई अड्डों पर शुरू होगी। यह पहल यात्रा को तेज, सहज और संपर्क रहित बनाएगी। डिजी यात्रा फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) का उपयोग करती है। इससे यात्रियों को पहचान पत्र दिखाने की जरूरत नहीं होगी। यह तकनीक भारतीय हवाईअड्डों पर सुरक्षा और दक्षता बढ़ाएगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इससे यात्रियों का समय बचाने का वादा किया है।

डिजी यात्रा से कैसे काम करेगी फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक?

डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म पर यात्री पहले बोर्डिंग पास स्कैन करते हैं। फिर चेहरे की पहचान के लिए कैमरा उपयोग होता है। यह डेटा बायोमेट्रिक विधि से सत्यापित होता है। प्रवेश द्वार पर चेहरा दिखाते ही गेट खुल जाता है। इससे लंबी कतारों और देरी से मुक्ति मिलती है। यह तकनीक अब 27 और शहरों में उपलब्ध होगी। पहले से डिजी यात्रा दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े हवाईअड्डों पर सक्रिय है।

यात्रियों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

नई सुविधा से यात्रियों को पेपरलेस अनुभव मिलेगा। एयरपोर्ट पर चेक-इन और सुरक्षा जांच तेज़ होगी। कतारों में खड़े होने का समय कम होगा। यात्री सीधे अपने गेट तक पहुंच सकेंगे। यह प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित है। फेशियल रिकॉग्निशन डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है। किसी भी तरह की निजता की चिंता करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय का कहना है कि यह यात्री अनुभव को बदल देगा।

किन शहरों में शुरू होगी डिजी यात्रा सेवा?

नई सुविधा छोटे और मध्यम शहरों को प्राथमिकता देगी। इनमें जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद और चंडीगढ़ शामिल हैं। साथ ही कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद जैसे महानगर भी शामिल होंगे। पूरी सूची मंत्रालय द्वारा जल्द जारी की जाएगी। इस विस्तार से देश भर में डिजिटल यात्रा को बढ़ावा मिलेगा। यह भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूत करेगा।

डिजी यात्रा का भविष्य और सुरक्षा उपाय

FRT तकनीक के लिए सरकार ने कड़े डेटा सुरक्षा मानक बनाए हैं। यात्री डेटा को क्लाउड पर स्टोर नहीं किया जाता। पहचान प्रक्रिया के बाद डेटा तुरंत हटा दिया जाता है। यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। आने वाले वर्षों में सभी एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा लागू करने की योजना है। मंत्रालय ने यात्रियों को इस सुविधा का पंजीकरण कराने की सलाह दी है। इससे फ्लाइट पकड़ना और भी आसान हो जाएगा।

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