बांदीपुर-नागरहोल में सफारी 40% बढ़ी, अभी बुक करें!

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कर्नाटक वन्यजीव बोर्ड ने बढ़ाई सफारी यात्राएं

कर्नाटक राज्य वन्यजीव बोर्ड (SBWL) ने बांदीपुर और नागरहोल बाघ अभयारण्यों में सफारी यात्राओं में 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। यह निर्णय पारिस्थितिकी-पर्यटन क्षमता के व्यापक अध्ययन के बाद लिया गया। इस अध्ययन में पर्यटन के बढ़ते दबाव और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता में SBWL की स्थायी समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। यह कदम पर्यटकों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है।

बांदीपुर और नागरहोल में नई सफारी योजना

बांदीपुर बाघ अभयारण्य में अब तक प्रतिदिन 2,700 सफारी यात्राएं होती थीं। अब इसे बढ़ाकर 3,800 कर दिया गया है। वहीं, नागरहोल बाघ अभयारण्य में यह संख्या 1,800 से बढ़कर 2,600 हो गई है। यह बढ़ोतरी पारिस्थितिकी-पर्यटन क्षमता अध्ययन के आधार पर की गई है। अध्ययन में यह सुनिश्चित किया गया कि वन्यजीवों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। पर्यटकों के लिए सफारी की बुकिंग ऑनलाइन होगी। इससे वनों पर अनियंत्रित पर्यटन का दबाव कम होगा।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान

यह निर्णय वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लिया गया है। अध्ययन में यह सुझाव दिया गया कि सफारी वाहनों की संख्या नियंत्रित रखी जाए। इसके अलावा, सफारी के समय और मार्गों को भी परिभाषित किया गया है। वन्यजीवों के आवासों को कोई नुकसान न पहुंचे, इसके लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। कर्नाटक वन विभाग ने कहा कि यह कदम स्थानीय समुदायों के लिए भी लाभदायक होगा। पर्यटन से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं

सफारी यात्राओं में बढ़ोतरी के साथ ही पर्यटकों के लिए कई नई सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी। इनमें बेहतर बुकिंग प्रणाली और सुरक्षा उपाय शामिल हैं। पर्यटकों को वन्यजीवों के करीब जाने का बेहतर अनुभव मिलेगा। हालांकि, सभी सफारी गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा। वे पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण के बारे में जागरूक करेंगे। कर्नाटक वन्यजीव विभाग ने कहा कि यह एक संतुलित दृष्टिकोण है।

निष्कर्ष

यह निर्णय कर्नाटक में पर्यटन और संरक्षण के बीच एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बांदीपुर और नागरहोल में सफारी यात्राओं में बढ़ोतरी से पर्यटकों को फायदा होगा। साथ ही, वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है। कर्नाटक सरकार ने कहा कि वह पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना जारी रखेगी।

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