हवाई यात्रा मांग जून में 1.7% गिरी, घरेलू बाजार का दबाव

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IATA रिपोर्ट: जून 2026 में वैश्विक हवाई यात्री मांग में 1.7% की गिरावट

अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) ने जून 2026 के लिए वैश्विक हवाई यात्री मांग में साल-दर-साल 1.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। यह जानकारी हाल ही में जारी IATA की मासिक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल मांग, जिसे रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर (RPK) में मापा जाता है, में यह गिरावट देखी गई है। मुख्य घरेलू बाजारों में कमजोरी और मध्य पूर्व में जारी व्यवधान ने पूरे उद्योग के प्रदर्शन को प्रभावित किया है।

प्रमुख कारक और बाजार प्रभाव

IATA के आंकड़ों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख घरेलू बाजारों, खासकर चीन और भारत में यात्री यातायात में सुस्ती देखी गई है। वहीं, मध्य पूर्व के क्षेत्रीय संघर्षों के कारण उड़ान मार्गों में बदलाव और परिचालन लागत में वृद्धि हुई है। इससे एयरलाइंस की क्षमता प्रभावित हुई है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव बने रहने पर सुधार धीमा रहेगा। इस रिपोर्ट ने निवेशकों और एयरलाइन कंपनियों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

घरेलू बाजारों की सुस्ती

रिपोर्ट में विशेष रूप से अमेरिका और चीन जैसे बड़े घरेलू बाजारों में यात्री मांग में गिरावट पर प्रकाश डाला गया है। अमेरिकी बाजार में मौसमी प्रभाव और यात्रा खर्च में कमी देखी गई। चीन में आर्थिक सुस्ती के चलते हवाई यात्रा की मांग घटी है। भारत में भी कुछ मार्गों पर क्षमता सीमित रही। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी की उड़ानों में मामूली सुधार दर्ज किया गया। IATA ने कहा है कि परिस्थितियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। अधिक जानकारी के लिए आप IATA की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

मध्य पूर्व व्यवधान का असर

मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों के कारण उड़ानों के मार्ग बदलने पड़े हैं। कई एयरलाइंस को यूरोप और एशिया के बीच लंबे रास्ते अपनाने पड़ रहे हैं। इससे ईंधन की खपत बढ़ी है और टिकट की कीमतों पर दबाव पड़ा है। इस क्षेत्र की प्रमुख एयरलाइंस, जैसे एमिरेट्स और कतर एयरवेज, ने परिचालन में कटौती की है। विश्लेषकों के अनुसार, यह स्थिति जुलाई और अगस्त में भी जारी रह सकती है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे उड़ान की स्थिति की पुष्टि करें। फ्लाइट स्टेटस के लिए फ्लाइट रडार जैसी सेवाओं का उपयोग करें।

भविष्य की संभावनाएं और आउटलुक

IATA का कहना है कि वैश्विक यात्री मांग में गिरावट के बावजूद, दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं बनी हुई हैं। हालांकि, एयरलाइन उद्योग को लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। यात्री मांग में सुधार के लिए भू-राजनीतिक स्थिरता जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन में मांग फिर से बढ़ सकती है। उद्योग के लिए यह रिपोर्ट एक चेतावनी है। आने वाले महीनों में स्थिति स्पष्ट होगी कि क्या यह गिरावट लंबी अवधि की है। यात्रियों को बदलते शेड्यूल और किराए पर नजर रखनी चाहिए।

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