क्वांटास का भारत की ओर बड़ा कदम, 1000 नौकरियों का हो सकता है स्थानांतरण
ऑस्ट्रेलियाई विमानन कंपनी क्वांटास (Qantas) अपने परिचालन को आधुनिक बनाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपनाने की रणनीति के तहत भारत में 1,000 तक पदों को स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है। यह कदम कंसल्टिंग फर्म एक्सेंचर (Accenture) के साथ संभावित आउटसोर्सिंग समझौते के तहत उठाया जा रहा है। The Sydney Morning Herald की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्वांटास ने मंगलवार को पुष्टि की है कि वह इस मामले में शुरुआती चरण की चर्चा कर रही है। यह कदम कंपनी की वैश्विक परिचालन लागत घटाने और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आउटसोर्सिंग से एआई अपनाने की योजना, कर्मचारियों पर असर स्पष्ट नहीं
रिपोर्ट में बताया गया है कि क्वांटास का लक्ष्य एक्सेंचर के साथ साझेदारी कर अपने तकनीकी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मजबूत करना है। इस प्रक्रिया में भारतीय टीमें प्रमुख भूमिका निभा सकती हैं, खासकर एआई मॉडल्स के विकास और डेटा एनालिटिक्स में। हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वर्तमान कर्मचारियों पर इसका क्या असर होगा, लेकिन सूत्रों के अनुसार, यह कदम कुछ सहायक भूमिकाओं को धीरे-धीरे समाप्त करने की ओर इशारा करता है। क्वांटास ने एक बयान में कहा, “हम अपने व्यवसाय को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए लगातार नए तरीके तलाश रहे हैं, और तकनीकी क्षमताओं का विस्तार इसका हिस्सा है।”
भारत में तकनीकी केंद्रों का बढ़ता महत्व
यह कदम उस वैश्विक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जिसमें एयरलाइंस और परिवहन क्षेत्र की कंपनियां भारत को एक प्रमुख तकनीकी हब के रूप में देख रही हैं। भारत में कुशल इंजीनियरों और डेटा साइंटिस्टों की उपलब्धता, साथ ही लागत में कमी, इसे आउटसोर्सिंग के लिए आकर्षक बनाती है। क्वांटास पहले से ही अपने आईटी ऑपरेशंस का कुछ हिस्सा भारत में संचालित करती है, लेकिन नया सौदा इसे और विस्तारित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई कर्मचारियों के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है।
भविष्य की रणनीति और वैश्विक प्रतिक्रिया
क्वांटास के इस फैसले पर ऑस्ट्रेलिया में श्रम संगठनों और राजनीतिक हलकों से प्रतिक्रिया आ सकती है, क्योंकि यह देश के भीतर रोजगार के अवसरों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, कंपनी के सीईओ ने पहले कहा था कि एआई अपनाने से नई नौकरियां भी पैदा होंगी, जैसे डेटा सुरक्षा और मॉडल प्रबंधन की भूमिकाएं। एक्सेंचर के साथ समझौता अभी अंतिम चरण में नहीं है, और विश्लेषकों का कहना है कि कई पहलुओं पर बातचीत बाकी है। इस दौरान, कंपनी का ध्यान अपने परिचालन को बेहतर बनाने और यात्रियों को डिजिटल अनुभव प्रदान करने पर केंद्रित है। यह कदम वैश्विक विमानन क्षेत्र में बदलते रुझानों को भी दर्शाता है, जहां तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिक जानकारी के लिए, आप The Sydney Morning Herald की रिपोर्ट देख सकते हैं और भारतीय आईटी क्षेत्र के बारे में Nasscom की वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।











