₹200 करोड़ से महाबलीपुरम की ग्लोबल पहचान, जानिए कैसे?

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महाबलीपुरम को मिलेगा 200 करोड़ का तोहफा, बनेगा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र

तमिलनाडु सरकार ने महाबलीपुरम के विकास के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इस ऐतिहासिक शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन और आध्यात्मिक केंद्र बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह जानकारी तमिलनाडु के पर्यटन मंत्री एस राजेश कुमार ने दी है। यह कदम राज्य की पर्यटन नीति का अहम हिस्सा है। महाबलीपुरम यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है। यहां हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं। नए निवेश से यहां की सुविधाओं में जबरदस्त इजाफा होगा। तमिलनाडु पर्यटन को और मजबूती मिलेगी।

पर्यटन बुनियादी ढांचे को मिलेगी मजबूती

इस योजना के तहत बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया जाएगा। महाबलीपुरम में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सड़कों, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य है। मंत्री ने बताया कि यह निवेश राज्य की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इससे तमिलनाडु में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। पर्यटन क्षेत्र में निवेश से कई नए रोजगार पैदा होंगे। भारत के पर्यटन क्षेत्र को भी इसका लाभ मिलेगा।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकास

महाबलीपुरम को आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां के प्राचीन मंदिर और मूर्तियां दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। पांच रथ, शोर मंदिर और अर्जुन की तपस्या जैसे स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। सरकार इन विरासत स्थलों का संरक्षण करेगी। साथ ही, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस पहल से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अपने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की गरिमा को बनाए रखते हुए विकास किया जाएगा। इस योजना का मुख्य लक्ष्य संतुलित विकास है। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना प्राथमिकता में शामिल है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को होगा लाभ

इस 200 करोड़ के निवेश से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ होगा। महाबलीपुरम में होटल, रेस्तरां और व्यापार से जुड़े लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। पर्यटन बढ़ने से हथकरघा और हस्तशिल्प उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। यहां के कारीगरों की बनी मूर्तियां दुनिया भर में मशहूर हैं। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में महाबलीपुरम को दक्षिण भारत का प्रमुख पर्यटन स्थल बनाना है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की निगरानी के लिए विशेष समिति बनाई जाएगी। इससे परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। यह निवेश राज्य के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगा।
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