जानें: भारत की पर्यटन मांग क्यों लीजर-हेरिटेज से आगे?

india-tourism-demand-beyond-leisure-heritage

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भारतीय पर्यटन क्षेत्र में बड़ा बदलाव

भारत का पर्यटन क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। दो बड़े बदलाव एक साथ हो रहे हैं। पहला, कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। इससे कई नए पर्यटन स्थल यात्रियों की पहुंच में आ रहे हैं। दूसरा, पर्यटन की मांग अब केवल मनोरंजन और विरासत तक सीमित नहीं है। यह जानकारी CBRE साउथ एशिया की नई रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट का शीर्षक है “रीइमेजिनिंग इंडियन टूरिज्म: अनलॉकिंग द नेक्स्ट वेव ऑफ ग्रोथ”। यह रिपोर्ट आज ASSOCHAM के कार्यक्रम में जारी की गई।

कनेक्टिविटी बढ़ने से नए स्थलों तक पहुंच

सड़क, रेल और हवाई मार्ग का जाल लगातार बढ़ रहा है। इससे छोटे शहर और दूरदराज के क्षेत्र भी पर्यटन मानचित्र पर आ रहे हैं। पहले जहां यात्री बड़े शहरों तक सीमित थे। अब वे नए गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिल रहा है। रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। पर्यटन उद्योग में निवेश भी बढ़ रहा है।

मांग का दायरा हो रहा व्यापक

पर्यटन की मांग अब पारंपरिक पर्यटन से आगे बढ़ रही है। लोग अब साहसिक पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन की ओर रुख कर रहे हैं। कारोबारी यात्राएं और सम्मेलन पर्यटन भी बढ़ रहे हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक यात्राओं में भी तेजी देखी जा रही है। इस बदलाव से पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिल रही है। यह रिपोर्ट भारत में पर्यटन के भविष्य की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है।

पर्यटन क्षेत्र के लिए नए अवसर

ये दोनों बदलाव भारत के पर्यटन क्षेत्र के लिए बड़े अवसर लेकर आए हैं। नए गंतव्यों का विकास तेज होगा। पर्यटन से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। सरकार की नीतियां भी इस दिशा में सहायक हो रही हैं। जैसे-जैसे संपर्क बेहतर होगा और मांग बढ़ेगी, भारत वैश्विक पर्यटन में अपनी पहचान और मजबूत करेगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह अगली बड़ी विकास लहर होगी।

और जानें: CBRE साउथ एशिया तथा ASSOCHAM की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

Related: जानें: कोलकाता-चीन-कंबोडिया इंडिगो फ्लाइट शुरू, पर्यटन बूम