हडसन इंस्टीट्यूट की बड़ी सिफारिश
अमेरिकी थिंक टैंक हडसन इंस्टीट्यूट ने अमेरिकी वायुसेना को एक अहम सलाह दी है। संस्थान ने 250 मध्यम आकार के ब्लेंडेड-विंग-बॉडी टैंकर बनाने की सिफारिश की है। इन विमानों का मकसद इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हवाई ईंधन भरने की क्षमता मजबूत करना है। यह कदम रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
लंबी दूरी पर ज्यादा ईंधन
प्रस्तावित विमान लंबी दूरी तक ज्यादा ईंधन पहुंचा सकते हैं। इससे वायुसेना की पहुंच और ताकत दोनों बढ़ेंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, ये विमान 30 साल के फ्लीट खर्च में 15.5 अरब डॉलर तक की बचत कर सकते हैं। यानी कम खर्च में बेहतर क्षमता हासिल हो सकती है। यह आर्थिक और सामरिक दोनों दृष्टि से फायदेमंद है।
जेटज़ीरो का ज़ेड4 प्रदर्शक
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब जेटज़ीरो अपने ज़ेड4 प्रदर्शक विमान की पहली उड़ान की तैयारी कर रही है। कंपनी 2027 के अंत में यह उड़ान कराने की योजना बना रही है। ब्लेंडेड-विंग-बॉडी डिज़ाइन पारंपरिक टैंकरों से अलग और कुशल माना जाता है। इस तकनीक से ईंधन दक्षता और वायुगतिकी में सुधार की उम्मीद है।
इंडो-पैसिफिक में रणनीतिक असर
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी के लिए हवाई ईंधन भरना बहुत जरूरी है। नए टैंकर लंबी दूरी के मिशन को आसान बना सकते हैं। इससे सहयोगी देशों के साथ संयुक्त अभ्यास भी बेहतर होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रस्ताव भविष्य की वायुसेना की तैयारी में अहम भूमिका निभा सकता है। अधिक जानकारी के लिए हडसन इंस्टीट्यूट और जेटज़ीरो की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
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