पर्यटन मंत्रालय की घोषणा
पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार उत्तर पूर्वी क्षेत्र के 14वें वार्षिक इंटरनेशनल ट्रैवल मार्ट (ITM) में 200 से अधिक यात्रा और पर्यटन हितधारक भाग लेंगे। इस आयोजन में दुनिया के 22 देशों से 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल होंगे। यह तीन दिवसीय वार्षिक कार्यक्रम उत्तर पूर्वी पर्यटन को वैश्विक मंच प्रदान करेगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व
ITM का मुख्य उद्देश्य उत्तर पूर्वी राज्यों के पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह मंच स्थानीय टूर ऑपरेटरों और होटल व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ेगा। इससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन मंत्रालय इसे ‘डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्ट’ अभियान का अहम हिस्सा मानता है।
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी
22 देशों के 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार इस आयोजन में शामिल होंगे। ये खरीदार उत्तर पूर्वी पर्यटन उत्पादों को अपने देशों में प्रचारित करेंगे। इससे क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय पर्यटक संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। आयोजकों का मानना है कि यह मार्ट बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकों का प्रभावी मंच साबित होगा।
क्षेत्रीय पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
उत्तर पूर्वी क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीव और सांस्कृतिक विविधता भरपूर है। लेकिन बुनियादी ढांचे और जागरूकता की कमी रही है। ITM जैसे आयोजन इन कमियों को दूर करने में मदद करेंगे। सरकार की इनक्रेडिबल इंडिया पहल भी इस दिशा में सक्रिय है। इससे स्थानीय समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा।
आगे की राह
तीन दिवसीय यह आयोजन व्यापार, नेटवर्किंग और ज्ञान साझा करने का अवसर देगा। प्रतिभागी नई पर्यटन नीतियों और रुझानों पर चर्चा करेंगे। पर्यटन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। यह पहल उत्तर पूर्व को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगी।
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