H1B इंटरव्यू रद्दीकरण पर भारत की चिंता
26 दिसंबर 2025 को भारत ने अमेरिकी पक्ष के समक्ष अपनी चिंता व्यक्त की। बड़े पैमाने पर भारतीय आवेदकों के H-1B इंटरव्यू पूर्व निर्धारित तरीके से रद्द हो रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय रोजगार अवसरों पर असर डाल सकता है। दोनों पक्ष इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं। यह स्थिति नीति और संचालन दोनों के दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण है। वार्ता की प्रक्रिया जारी है और अगले कदम स्पष्ट होते दिख रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि संतुलित मार्गदर्शन से स्थिति संभाली जा सकती है। यह कदम वैश्विक टेक सेक्टर के लिए भी संकेत देता है। स्थानीय उद्योग समूहों ने प्रतिक्रिया दी है और भविष्य के कदमों पर नजर रखे हुए हैं।
घटना का संपूर्ण संदर्भ और विवरण
मध्य दिसंबर से भारत में हजारों H-1B इंटरव्यू निर्धारित थे, पर रद्द कर दिए गए। यह परिवर्तन अमेरिकी प्रशासन की मौजूदा वीजा नीति से जुड़ा माना जा रहा है। भारत ने कहा कि इंटरव्यू स्लॉट के उपयोग में पारदर्शिता और उचित समयरेखा चाहिए। रद्दीकरण से आवेदकों के प्लान, कंपनियों के भर्ती चक्र और परियोजनाओं की डेडलाइन प्रभावित होंगी। टेक कंपनियाँ और एडवायज़री एजेंसियाँ इससे अस्थिरता महसूस कर रही हैं। अधिकारी और मंत्रालय इस मुद्दे पर स्पष्ट मार्गदर्शन की मांग कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि प्रक्रियाओं में सुधार से स्थिति बेहतर हो सकती है। इंटरव्यू शेड्यूलिंग के बारे में ताजा जानकारी साझा करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। इससे नौकरी चाहने वालों में असमंजस बढ़ रहा है।
प्रभावित क्षेत्र और उद्योग पर असर
सबसे अधिक असर टेक्नोलॉजी सेक्टर पर दिख रहा है। परियोजनाओं के देरी से कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। भारतीय IT सेवाओं पर निर्भरता बनी हुई है, इसलिए वैकल्पिक रास्ते ढूंढने होंगे। नया हाइब्रिड वर्कफोर्स मॉडल सामने आ सकता है। भर्ती चक्र में देरी से उत्पादन शेड्यूल प्रभावित होगा। प्रतिभा प्रवाह में अस्थिरता बनी रहेगी और कौशल आधारित अवसर घटेंगे। कर्मचारियों की स्थिति और दायित्व बदलने की संभावना है। क्लाइंट्स के साथ अनुबंध निर्णयों पर प्रभाव पड़ सकता है। क्षेत्रीय इकाइयों के बीच इंटरव्यू कैलेंडर में असमानताएं उठी हैं।
आगे की राह और बातचीत की दिशा
मुद्दा अब संवाद और प्रक्रियागत सुधार पर फोकस कर रहा है। दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी एक स्पष्ट रोडमैप बनाने पर काम कर रहे हैं। आने वाले सप्ताहों में नई जानकारी आने की संभावना है। आवेदकों को आधिकारिक साइटों से ताजा अपडेट मिलती रहनी चाहिए। मीडिया और उद्योग विश्लेषक कह रहे हैं कि सही संचार से अस्थिरता कम हो सकती है। यह दोनों देशों के बीच व्यापार क्षेत्र के लिए एक अहम अवसर भी बन सकता है। सुरक्षा और सुरक्षा मानदंडों के अनुरूप कदम उठाने की बात की जा रही है। आगामी बैठकें स्पष्ट निष्कर्ष देने वाली हो सकती हैं।
आवेदकों के लिए मार्गदर्शन और सत्यापन
जो आवेदक पहले इंटरव्यू मिस कर चुके हैं, वे स्थिति की समीक्षा करें। वे नए स्लॉट खुलने पर तुरंत आवेदन करें। आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें। काउंसलेट नोटिस और बयान बार-बार बदले जा सकते हैं, अतः ताजा सूचना जरूरी है। पहले मिले निर्देशों के अनुसार अपना दस्तावेज़ अपडेट रखें। आवेदन स्टेटस और स्लॉट जानकारी के लिए समय-समय पर चेक करें। नियुक्ति प्रक्रिया की पुनरारम्भ कब होगी, इसकी पुष्टि के लिए आधिकारिक पुष्टि का आधार बनाएं। नीचे दिए लिंक उपयोगी संदर्भ बनेंगे: H1B वीजा सूचना और US Embassy India – Visas












