कर्नाटक के तटीय पर्यटन पर नई दिशा
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तरा कन्नड़ जिलों के अधिकारियों को तटीय पर्यटन सर्किट के विकास का स्पष्ट निर्देश दिया. यह निर्देश Karnataka coastal tourism के तटीय क्षेत्र सर्किट विकसित करने को लेकर है. उन्होंने पाँच-स्तरीय संरचित रणनीति अपनाने की बात कही. यह योजना प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर केंद्रित है. मंगलूर में आयोजित एक तटीय पर्यटन सम्मेलन में यह घोषणा हुई. मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में भाग लेकर संकेत दिए कि tourism-led regional development पर जोर बढ़ेगा. बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसे सह-विकास पहल भी चर्चा के केंद्र में रहीं. अधिकारी नवाचार, निवेश और रोजगार सृजन के मापदंडों पर एक साथ काम करेंगे. प्रतिभागियों ने स्थानीय समुदाय की भागीदारी मजबूत बनाने पर बल दिया.
पाँच-स्तरीय संरचित रणनीति का खाका
पाँच-स्तरीय संरचित रणनीति में coastal tourism circuits के पाँच पहलें शामिल होंगी. पहला पहलू टिकाऊ संरचना और स्थानीय पहचान पर है ताकि coastal tourism circuits सुचारु बनें. दूसरा हिस्सा पर्यटक मार्गों के सुरक्षा और आपातकाल प्रबंधन पर है ताकि दुर्घटनाओं में कमी आए. तीसरा भाग स्थानीय हितधारकों के बीच भागीदारी और नीति-समंजन को प्राथमिकता देता है. चौथा तत्व जलवायु अनुकूल बुनियादी संरचना और अवसंरचना के दीर्घकालिक विकास को समर्पित है. पाँचवाँ पक्ष विपणन, डिजिटलीकरण और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को मजबूत बनाने पर केंद्रित है. इनके अलावा सभी पहलें जिलावार प्राथमिकताओं के अनुसार ढाली जाएँगी ताकि फायदेमंद परिणाम मिलें. योजना के लिए एक समन्वित समयरेखा और जिम्मेदार विभाग स्पष्ट रूप से बताये जा रहे हैं. साथ ही स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और ग्रामीण पर्यटन को बल मिलेगा.
क्रियान्वयन के लिए अनुशासन और भागीदारी
सरकार इन पहलों के लिए वित्तीय सहायता और अनुशासनकारी ढांचे तय करेगी. उच्चस्तरीय समितियाँ जिलावार निगरानी मानक स्थापित करेंगी ताकि क्रियान्वयन पारदर्शी रहे. हर जिला एक विशिष्ट पर्यटन सर्किट की कार्ययोजना बनायेगा ताकि लक्ष्य स्पष्ट हो. स्थानीय होमस्टे, गाइड्स और संपर्क केंद्रों को मान्यता दी जाएगी ताकि मानकीकरण हो. नीति निर्माण और उद्योग प्रतिनिधि समय-समय पर मिलकर आकलन करेंगे ताकि सुधार हो. निगरानी के लिए डेटा केंद्रित मापक बनाए जाएंगे ताकि निर्णय तेज हों. विपणन अभियानों के लिए साझेदारियों को मजबूत किया जाएगा ताकि पहुँच बढ़े. स्थानीय कौशल निर्माण केंद्र भी स्थापित होंगे ताकि रोजगार सृजन में योग्यता बढ़े. नागरिक भागीदारी और जागरूकता कार्यक्रमों से समुदायों में विश्वास बढ़ेगा.
परिणाम और आधिकारिक जानकारी
इन कदमों से तटीय बेल्ट के पर्यटन रोजगार के अवसर अपेक्षित रूप से बढ़ेंगे और स्थिर आय मिल सकेगी. स्थानीय व्यवसायों के लिए डिजीटल मार्केटिंग, किराये के संकुल और सेवाओं की प्रत्याशित मांग बढ़ेगी. समुद्री पर्यटन, साहसिक गतिविधियाँ, होमस्टे और ग्रामीण उत्पादों का संयुक्त विकास संभव होगा. होटल, रिसॉर्ट और शहरों के केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा. योजना के परिणाम स्थानीय जलवायु अनुकूलन कार्यक्रमों को भी मजबूत करेंगे. आधिकारिक स्रोतों से सूचना साझा होगी और बाहरी लिंक उपयोगी साबित होंगे. नीचे दिए गए लिंक अध्ययन और अद्यतन के लिए सहायक होंगे. इन लिंक में Karnataka Tourism और Deccan Herald जैसे आधिकारिक स्रोत उपलब्ध हैं. अधिक जानकारी के लिए देखें Karnataka Tourism और Deccan Herald.
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