जानें: Delta 2026 की ‘Basic Business’ से प्रीमियम कैसे बदलेगा?

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डेल्टा की अनबंडलिंग रणनीति

डेल्टा एयरलाइंस अब एक बड़े बदलाव के रास्ते पर है। वह अपने नेटवर्क के सभी केबिन विकल्पों को अलग-अलग किरायों में पेश करेगी। इसके लिए Basic Business Class नाम की नई योजना शुरू होगी। यह कदम 2026 के अंत तक पूरा हो जाएगा। कंपनी का लक्ष्य यात्रा लागत की पारदर्शिता बढ़ाना है। इससे यात्रियों को विकल्पों की स्पष्टता मिलेगी। अब सेवाएं अलग-अलग दाम पर मिलेंगी। पहले सभी सेवाएं एक संयुक्त किराय में थीं। खास तौर पर चेक-इन बैग, सीट चयन और भोजन के दाम बढ़ेंगे। एजेंसियाँ मानती हैं कि यह मॉडेल बाजार को चुनौती देगा। डेल्टा ने कहा है कि यह परिवर्तन 2026 तक चरणबद्ध होगा। इसके असर ग्राहक व्यवहार, बिक्री रणनीति और फुल-फ्लेग मेन्यू के रूप में भी दिख सकता है। यह कदम उद्योग के सामने नई आर्थिक परिघटना को जन्म दे सकता है। साथ ही, एयरलाइनें अब और अधिक लचीलेपन के साथ अपने किराये संरचना की दिशा तय करेंगी।

यात्रा अनुभव और लागत-निर्भर विकल्प

Basic Business Class fare का मतलब है कि कुछ सेवाएं शुल्क पर मिलेंगी। चेक-इन बैग, सीट चयन, और भोजन जैसे लाभ अब मुफ्त नहीं होंगे। यात्रियों को इनमें शामिल करने के लिए अलग भुगतान करना होगा। इससे टिकट की बेस कीमत कम दिख सकती है, पर कुल खर्च चयनित सेवाओं पर निर्भर करेगा। इससे यात्रियों को कौन-सी सेवाएं चाहिए, वे अब अलग से भुगतान करेंगे। यह फेयर पारदर्शिता बढ़ाकर खर्च-आधारित विकल्प देता है। एयरलाइन उद्योग में अन्य कंपनियां भी इसी मार्ग पर चल रही हैं। विश्लेषक कहते हैं, यह बिजनेस ट्रैवल खर्च साफ करेगा। इस कदम से कंपनियों के लिए यात्रा बजट बनाना आसान होगा। कुल मिलाकर, Basic Business Class फेयर से ग्राहक-निर्भर विकल्प बढ़ेंगे। हालांकि ग्राहकों को असंगत फीस से सावधान रहने की जरूरत होगी। यदि लागू हुआ तो यह लागत-केंद्रित पैकेजिंग का नया मानक बन सकता है। यात्रा योजना बनाने वाले व्यवसायों के लिए यह खासा महत्वपूर्ण परिवर्तन होगा।

वैश्विक संदर्भ और उद्योग प्रभाव

अनबंडलिंग ने वैश्विक एयरलाइन उद्योग के मूल्य-निर्माण मॉडल को प्रभावित किया है। डेल्टा भी इसी धारा में आगे बढ़ रहा है। प्रमुख एयरलाइंस पहले ही कुछ सेवाएं अनबंडल कर चुकी हैं। इससे यात्रियों के लिए अधिक विकल्प मिलते हैं, और कीमतों की समझ आसान होती है। लेकिन साथ में छिपी फीस का जोखिम भी बढ़ सकता है। नियामक निकाय और उपभोक्ता समूह इस बदलाव पर नजर रख रहे हैं। विश्लेषक लागत-निर्माण मॉडल में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। कुछ मामलों में राजस्व बढ़ सकता है, तो नुकसान भी संभव है। इस तरह के कदम से उद्योग में प्रतिस्पर्धा तेज होगी। बाजार के कई हिस्सों में पॉलिसी-निर्माण और संरचना-परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है।

आगे की राह और क्या उम्मीद करें

ग्राहक प्रतिक्रिया इस निर्णय की सफलता तय करेगी। नियामक निगरानी और प्रतिस्पर्धी कंपनियाँ भी नतीजों पर असर डालेंगी। अधिक जानकारी के लिए Delta Newsroom देखें। वैश्विक कवरेज के लिए Reuters पन्ने देखें। Delta ने कहा है कि यह परिवर्तन चरणबद्ध तरीके से जाएगा और समय-समय पर कदम बढ़ेंगे। यह कदम DL के व्यापार मॉडल पर दीर्घकालिक असर डाल सकता है। उद्योग के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण परीक्षा भी होगी, जहां पारदर्शिता और ग्राहक विकल्पों की बुनियाद रखी जाएगी। यात्रियों को अपने विकल्पों की समीक्षा करते समय हालिया घोषणाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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