जानें अबू धाबी में भारतीय यात्रा व्यापार मिलन: साझेदारी और विकास

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अबू धाबी में भारतीय पर्यटन को मिली नई मजबूती

अबू धाबी के संस्कृति और पर्यटन विभाग (DCT अबू धाबी) ने एतिहाद एयरवेज और प्रमुख पर्यटन भागीदारों के सहयोग से भारत से एक उच्च स्तरीय व्यापार यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे साझेदारी को मजबूत बनाना था। यह अमीरात के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक के लिए विकास की अगली दिशा तय करता है। हाल ही में हुई इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच पर्यटन संबंधों को नई ऊंचाई दी है।

भारतीय बाजार पर विशेष ध्यान

यह यात्रा अबू धाबी के लिए भारत के महत्व को दर्शाती है। भारत से हर साल लाखों पर्यटक अबू धाबी आते हैं। DCT अबू धाबी ने इस बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कई रणनीतियां बनाई हैं। एतिहाद एयरवेज ने भारत के कई शहरों से सीधी उड़ानों की संख्या बढ़ाई है। इससे यात्रा आसान और सस्ती हुई है। अबू धाबी के पर्यटन स्थलों में लक्जरी होटल, सांस्कृतिक केंद्र और मनोरंजन पार्क शामिल हैं।

सहयोग से बढ़ेगा पर्यटन

इस व्यापार यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा हुई। भारतीय ट्रैवल एजेंटों और टूर ऑपरेटरों ने अबू धाबी के होटलों और आकर्षणों के साथ नए अनुबंध किए हैं। इससे भारतीय पर्यटकों को बेहतर पैकेज और छूट मिलेगी। अबू धाबी की आधिकारिक पर्यटन वेबसाइट पर भी नई योजनाएं जोड़ी गई हैं। उम्मीद है कि अगले साल भारत से पर्यटकों की संख्या में 20% से अधिक की वृद्धि होगी।

नई योजनाएं और सुविधाएं

अबू धाबी सरकार ने भारतीय पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज लॉन्च किए हैं। इनमें वीज़ा प्रक्रिया को आसान बनाना भी शामिल है। अब भारतीय पर्यटक ऑनलाइन वीज़ा के लिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, हिंदी भाषा में गाइड और साइनेज की सुविधा भी बढ़ाई गई है। इससे भारतीय पर्यटकों को अबू धाबी में घूमने में कोई कठिनाई नहीं होगी।

आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत

यह यात्रा सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं थी। इसमें व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी जोर दिया गया। भारतीय कंपनियां अबू धाबी में निवेश के नए अवसर तलाश रही हैं। वहीं, अबू धाबी की कला और संस्कृति को भारत में प्रदर्शित करने की योजना है। इससे दोनों देशों के बीच संबंध और गहरे होंगे। यह साझेदारी आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी।

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