अडानी एयरोस्पेस और डिफेंस ने ब्राजील की एंब्रेयर के साथ समझौता किया
अडानी एयरोस्पेस और डिफेंस ने मंगलवार को ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एंब्रेयर के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता भारत में वाणिज्यिक विमानों के संयोजन से संबंधित है। इससे मेक इन इंडिया पहल को बल मिलेगा और एक पूर्ण क्षेत्रीय परिवहन विमान पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा।
मेक इन इंडिया को मिली नई उड़ान
यह साझेदारी भारत के रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़ी छलांग है। इसके तहत भारत में एंब्रेयर के विमानों का संयोजन किया जाएगा। यह कदम देश में तकनीकी कौशल और रोजगार के अवसर बढ़ाएगा। साथ ही, यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्षेत्रीय विमानन पारिस्थितिकी तंत्र का विकास
इस समझौते का उद्देश्य भारत में एक मजबूत क्षेत्रीय परिवहन विमान पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। इसमें रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल सुविधाओं का विकास शामिल होगा। इससे देश की एयरोस्पेस आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और निर्यात क्षमता बढ़ेगी। यह भारतीय रक्षा उद्योग के लिए एक रणनीतिक अवसर है।
अडानी समूह की यह पहल मेक इन इंडिया कार्यक्रम के अनुरूप है। यह समझौता वैश्विक एयरोस्पेस बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। साथ ही, यह देश में उन्नत विनिर्माण को बढ़ावा देगा। इस साझेदारी से भारत की रक्षा तैयारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
भविष्य की संभावनाएं
यह समझौता भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक सहयोग को दर्शाता है। इससे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को गति मिलेगी। अडानी-एंब्रेयर साझेदारी भारतीय एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। यह देश को वैश्विक एयरोस्पेस निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस परियोजना के बारे में अधिक जानकारी एंब्रेयर की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है। यह सहयोग भारत की आर्थिक वृद्धि और तकनीकी स्वावलंबन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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