America news : वीज़ा रिजेक्शन की चिंता छोड़ें, भारतीय छात्रों के लिए एक्सपर्ट ने दिए ये खास टिप्स

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Stop worrying about visa rejection, experts give these special tips for Indian students

वाशिंगटन (ट्रैवल पोस्ट) America news : अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वीजा नियमों में सख्ती के बीच भारतीय छात्रों में चिंता बढ़ रही है. डिपोर्टेशन के डर और वीजा अस्वीकृति की बढ़ती दरों के बीच, करियर काउंसलर और हार्वर्ड के पूर्व छात्र डॉ. करण गुप्ता ने इस मुद्दे पर कुछ सामान्य सवालों के जवाब दिए हैं. वे सतर्कता, शैक्षणिक अनुशासन, साफ-सुथरे क्लियर डिजिटल प्रोफाइल और यूरोप व यूनाइटेड किंगडम जैसे वैकल्पिक विकल्पों के साथ एक मजबूत प्लान बी की भी सलाह देते हैं।

Stop worrying about visa rejection

1. भारतीय छात्र वीजा साक्षात्कार और अमेरिका पहुंचने के बाद खतरे से कैसे बचें? छात्रों को खुद भी पहले तो जागरूक होना बहुत जरूरी है और सबसे जरूरी है अनुशासन. वीजा इंटरव्यू में पूरी साफगोई और ईमानदारी बरतें, अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को स्पष्ट तरीके से सामने रखें और रटे-रटाए जवाबों से बचें।

अमेरिका पहुंचने के बाद, सभी क्लास में अपनी उपस्थिति और मौजूदगी जरूर दर्ज कराएं. इसमें कोई कोताही न बरतें. अपने डेजिग्नेटेड स्कूल ऑफिशियल (डीएसओ) के संपर्क में रहें और बिना अनुमति के कभी काम न करें. ऐसी एक्टिविटी या पॉलिटिकल एक्टिवनेस से बचें, जो विवाद का कारण बन सकती हों। डॉ. गुप्ता कहते हैं, “यह कभी न भूलें कि आप पढ़ाई के लिए अमेरिका जा रहे हैं.’ हिंसक प्रदर्शन या विवादास्पद लेख लिखना आपको मुश्किल में डाल सकता है. ऐसे में इनसे बचें
साथ ही, डिजिटल प्रोफाइल को भी क्लीन और क्लियर रखें. आपका सोशल मीडिया आज आपका दूसरा पासपोर्ट है, जिसकी जांच हो सकती है।

Stop worrying about visa rejection

हालांकि, छात्रों को फुलटाइम रजिस्ट्रेशन, एजुकेशनल प्रोग्रेस और रेग्युलर अटेंडेंस सुनिश्चित करनी होगी. कक्षाओं से गैरमौजूदगी या नामांकन में देरी जैसे छोटे उल्लंघन भी जांच का कारण बन सकते हैं. यूनिवर्सिटी भी इंटरनल सर्विलांस को सख्त कर रहे हैं, इसलिए इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिसों के साथ लगातार संपर्क में रहना और उनसे संपर्क बनाए रखना जरूरी है।