ब्रिटिश एयरवेज ने इन 7 रूटों पर A380 उड़ानें रोकीं

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ब्रिटिश एयरवेज ने सात हीथ्रो रूट पर एयरबस A380 सेवा समाप्त की

ब्रिटिश एयरवेज ने अपने एयरबस A380 विमानों का संचालन सात प्रमुख हीथ्रो रूट पर बंद कर दिया है। यह निर्णय एयरलाइन की रणनीति में बदलाव के तहत लिया गया। ब्रिटिश एयरवेज ने इन रूट पर छोटे और अधिक कुशल विमानों का उपयोग शुरू किया है।

A380 विमान बड़े और चार इंजन वाले होते हैं। इनका संचालन महंगा है। एविएशन न्यूज के अनुसार, एयरलाइन अब ईंधन दक्षता पर ध्यान दे रही है।

कौन से रूट हुए प्रभावित?

प्रभावित रूट में बीजिंग, दुबई, हॉन्ग कॉन्ग, जोहान्सबर्ग, लॉस एंजेलिस, सैन फ्रांसिस्को और सिंगापुर शामिल हैं। ये सभी रूट पहले A380 संचालित करते थे।

बीजिंग रूट पर मांग कम हुई। दुबई रूट पर प्रतिस्पर्धा बढ़ी। हॉन्ग कॉन्ग रूट पर यात्री संख्या घटी।

जोहान्सबर्ग रूट पर लागत अधिक थी। लॉस एंजेलिस और सैन फ्रांसिस्को रूट पर छोटे विमान फायदेमंद साबित हुए। सिंगापुर रूट पर कनेक्टिविटी बेहतर हुई।

परिवर्तन के पीछे कारण

ब्रिटिश एयरवेज ने A380 के बजाय बोइंग 777 और 787 जैसे विमान चुने। ये विमान अधिक ईंधन बचाते हैं। पर्यावरण नियमों के कारण भी यह बदलाव जरूरी था।

कोविड-19 महामारी के बाद यात्रा पैटर्न बदल गया। लोग अब सीधी उड़ानों की जगह कनेक्टिंग फ्लाइट पसंद करते हैं। एयरलाइन अब लचीली रणनीति अपना रही है।

यात्रियों पर प्रभाव

यात्रियों के लिए सीटों की संख्या घटेगी। A380 में 469 सीटें थीं। अब नए विमानों में कम सीटें होंगी। इससे टिकट की कीमतों में बदलाव हो सकता है।

हालांकि, अधिक फ्लाइट फ्रीक्वेंसी मिलेगी। छोटे विमान अधिक बार उड़ान भर सकते हैं। यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे।

भविष्य की योजना

ब्रिटिश एयरवेज ने A380 फ्लीट को पूरी तरह हटाने का संकेत दिया है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक कार्बन उत्सर्जन कम करना है। नए विमानों से यह संभव होगा।

एयरलाइन अब सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल पर निवेश कर रही है। इससे लंबी दूरी की उड़ानों में बदलाव आएगा। यात्रियों को हरित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
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