अमेरिकी छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम को नया नाम
अमेरिका का छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान कार्यक्रम अब एफ-47 नाम से जाना जाएगा। यह परियोजना पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में चलन से अनुबंध तक पहुंची। बोइंग कंपनी को इसका मुख्य ठेकेदार चुना गया है। यह निर्णय अमेरिकी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बोइंग को मिला प्रमुख ठेका
बोइंग कंपनी अब इस उन्नत लड़ाकू विमान के विकास की प्रमुख जिम्मेदारी संभालेगी। यह विमान भविष्य की वायु युद्ध रणनीतियों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वायत्त प्रणालियों का उपयोग शामिल होगा। इससे अमेरिकी वायु सेना की क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
एफ-47 कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान एफ-35 और एफ-22 विमानों से आगे की तकनीक विकसित करना है। यह विमान नेटवर्क-केंद्रित युद्ध क्षमताओं से लैस होगा। साथ ही इसमें स्टील्थ तकनीक भी और अधिक उन्नत स्तर की होगी। इसके बारे में अधिक जानकारी एयरफोर्स टेक्नोलॉजी वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है।
भविष्य के युद्ध के लिए तैयारी
यह कार्यक्रम अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है। इसका लक्ष्य 2030 के दशक तक नया लड़ाकू विमान तैयार करना है। विमान में उन्नत सेंसर और हथियार प्रणालियां शामिल होंगी। यह दुश्मन की वायु रक्षा प्रणालियों को चुनौती देने में सक्षम होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि एफ-47 वैश्विक वायु शक्ति संतुलन को बदल सकता है। यह परियोजना रक्षा अनुसंधान और विकास में निवेश को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषण के लिए जेन्स डिफेंस एक प्रमुख स्रोत है। इस नए विमान का विकास वैश्विक रक्षा उद्योग में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।












