चीन का नया H-6N परमाणु बमवर्षक: एक बड़ी कमजोरी जानिए

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चीन ने दिखाया परमाणु क्षमता वाला H-6N बॉम्बर

चीन ने पहली बार अपने रणनीतिक बॉम्बर Xi’an H-6N को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया है। इस विमान में JL-1 एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल लगी दिख रही है। विश्लेषकों के मुताबिक यह मिसाइल परमाणु हमला करने में सक्षम है। यह चीन की परमाणु ताकत का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल क्यों खास है

JL-1 मिसाइल हवा से दागी जा सकती है। यह चीन के परमाणु त्रिकोण का तीसरा स्तंभ है। पहला स्तंभ जमीन और दूसरा समुद्र आधारित है। हवा से हमला करने की क्षमता चीन की सामरिक ताकत बढ़ाती है। इससे दुश्मन के रडार को चकमा देना आसान होता है।

H-6N बॉम्बर की खासियत

Xi’an H-6N चीन का आधुनिक लंबी दूरी का बॉम्बर है। इसमें ईंधन भरने की सुविधा भी है। यह हवा में ही ईंधन ले सकता है। इससे इसकी रेंज और बढ़ जाती है। विशेषज्ञ इसे चीन की परमाणु निरोधक क्षमता का अहम हिस्सा बताते हैं।

वैश्विक और क्षेत्रीय असर

इस प्रदर्शन से एशिया में सामरिक संतुलन बदल सकता है। अमेरिका और सहयोगी देश इस पर नजर रख रहे हैं। चीन का कहना है कि यह उसकी आत्मरक्षा के लिए है। लेकिन इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।

भारत और पड़ोसी देशों के लिए मायने

चीन की यह ताकत भारत और पड़ोसी देशों के लिए चिंता का विषय है। परमाणु हथियारों की होड़ से स्थिरता पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संवाद और पारदर्शिता जरूरी है। इससे गलतफहमी और खतरा कम हो सकता है।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए Reuters की रिपोर्ट और Global Security पर देख सकते हैं।

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