वॉशिंगटन (ट्रैवल पोस्ट) H-1B Visa Controversy : अमेरिका की टेक इंडस्ट्री इन दिनों भारी अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। बड़ी टेक कंपनियों में लगातार छंटनियाँ हो रही हैं और अब तक 80 हजार से अधिक कर्मचारी अपनी नौकरियाँ गंवा चुके हैं। कंपनियाँ इसका कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बता रही हैं, लेकिन इस बीच वर्कप्लेस ऐप TeamBlind पर एक नई बहस शुरू हो गई है। कई अमेरिकी वर्कर्स का मानना है कि यह छंटनियाँ H-1B वीजा प्रोग्राम के कारण हो रही हैं, जिससे कंपनियाँ कम वेतन पर विदेशी वर्कर्स को काम पर रख रही हैं और स्थानीय कर्मचारियों को दरकिनार कर रही हैं।

TeamBlind पर एक पोस्ट किया गया है, जिसका शीर्षक ‘H-1B वीजा अमेरिकी वर्कर्स पर कहर बरपा रहा’ है। इसमें अमेजन के सीईओ एंडी जैस्सी का वो बयान भी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जल्द ही बहुत से काम कम लोग करेंगे, क्योंकि टेक्नोलॉजी के जरिए ऑटोमेटेशन पर जोर दिया जाएगा। पोस्ट में ये भी दावा किया गया है कि अमेजन ने 2025 के मध्य में अपने लिए हजारों H-1B, H-1B1 और E-3 वीजा के लिए गुजारिश की है, ताकि विदेशी वर्कर्स की कंपनी में हायरिंग हो सके।
H-1B Visa Controversy : H-1B वीजा पर भड़के लोग
वहीं, इस पोस्ट पर अलग-अलग कंपनियों में काम करने वाले लोगों ने भड़ास निकाली। डोरडैश में काम करने वाले एक वर्कर ने कहा, ‘सारे H-1B वीजा पर रोक लगा दो। ये उन लोगों के लिए एक वेकअप कॉल होगी।’ फैक्टसेट नाम की कंपनी में काम करने वाले एक वर्कर ने कहा, ‘भारतीय लोग सिर्फ तनख्वाह लेने अमेरिका आते हैं, कोई सार्थक योगदान नहीं देते। सभी अहम प्रोजेक्ट दूसरे ग्रुप के लोग करते हैं।’ एक यूजर ने तो यहां तक कहा, ‘सभी H1-B वीजा तुरंत रद्द कर दें और उन्हें घर भेज दें।’












