भारत ने राफेल और पी-8आई विमानों की खरीद को दी मंजूरी
नई दिल्ली ने एक बड़े रक्षा खरीद प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना में अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमान शामिल हैं। साथ ही बोइंग पी-8आई मैरीटाइम गश्ती विमान भी खरीदे जाएंगे। यह कदम भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा।
स्वदेशी डोर्नियर विमानों का भी है प्रावधान
इस रक्षा खरीद योजना में स्थानीय स्तर पर निर्मित डोर्नियर डो 228 विमान भी शामिल हैं। यह स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डोर्नियर विमान परिवहन और निगरानी के कार्यों में सक्षम हैं। इससे रक्षा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को बल मिलेगा।
भारतीय नौसेना की क्षमता होगी बढ़ी
बोइंग पी-8आई विमानों की खरीद से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी क्षमता में वृद्धि होगी। ये विमान खुफिया जानकारी जुटाने और पनडुब्बी रोधी युद्ध में सक्षम हैं। यह खरीद हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर की गई है। भारतीय नौसेना की मारक क्षमता में इन विमानों से वृद्धि होगी।
वायुसेना के बेड़े को मिलेगा बल
राफेल लड़ाकू विमानों की अतिरिक्त खेप भारतीय वायुसेना के बेड़े को और मजबूत करेगी। राफेल विमान उन्नत तकनीक से लैस बहुभूमिका लड़ाकू विमान हैं। ये हवाई श्रेष्ठता सुनिश्चित करने में सक्षम हैं। इस खरीद से वायुसेना की ऑपरेशनल तत्परता बढ़ेगी। भारतीय वायुसेना की रणनीतिक ताकत में योगदान मिलेगा।
रक्षा बजट और आत्मनिर्भरता पर प्रभाव
यह व्यापक रक्षा खरीद योजना देश के रक्षा बजट का एक हिस्सा है। इससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के प्रयासों को गति मिलेगी। स्थानीय निर्माण को प्रोत्साहन मिलना एक सकारात्मक संकेत है। यह कदम देश की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।
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