पर्यटन मंत्री ने ITB बर्लिन 2026 में भारत के विजन 2047 की रूपरेखा प्रस्तुत की
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारत के विजन 2047 के तहत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और समुदाय-केंद्रित पर्यटन स्थलों के निर्माण के प्रति देश की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने जर्मनी में आयोजित आईटीबी बर्लिन 2026 के दौरान संयुक्त राष्ट्र पर्यटन मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में यह बात कही।
वैश्विक मंच पर भारत का जिम्मेदार पर्यटन रोडमैप
शेखावत ने जिम्मेदार और समावेशी पर्यटन विकास के लिए भारत की रणनीति का खाका पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का पर्यटन दृष्टिकोण सतत विकास लक्ष्यों से प्रेरित है। इसका उद्देश्य स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
विजन 2047: समुदाय और स्थिरता पर केंद्रित
इस रोडमैप के केंद्र में स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करना है। पर्यटन से होने वाले लाभों को व्यापक रूप से बांटा जाएगा। इसके लिए ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। यह रणनीति भारत को एक प्रमुख सतत पर्यटन स्थल बनाने में मदद करेगी।
आगे की राह और वैश्विक सहयोग
मंत्री ने वैश्विक साझेदारी के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञान और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान से लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। भारत अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। यह दृष्टि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को और उजागर करेगी। अतुल्य भारत अभियान इसी दिशा में एक कदम है।
इस प्रकार, भारत का विजन 2047 पर्यटन को एक समग्र और भविष्योन्मुखी उद्योग के रूप में विकसित करने का प्रयास है। यह आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करेगा।











