भारत का पासपोर्ट रैंकिंग में उछाल
हाल ही में जारी हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत की स्थिति में सुधार हुआ है। देश ने 75वां स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि वैश्विक यात्रा पहुंच में वृद्धि दर्शाती है। भारतीय नागरिकों के लिए अवसरों के नए द्वार खुल रहे हैं।
यात्रा स्वतंत्रता में वृद्धि
इस रैंकिंग से भारतीय पासपोर्ट की शक्ति का पता चलता है। अब नागरिक बिना वीजा के अधिक देशों में यात्रा कर सकते हैं। यह वैश्विक समुदाय में देश की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मजबूती इसका प्रमुख कारण है।
विदेश मंत्रालय की नीतियों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। द्विपक्षीय समझौतों के कारण यात्रा प्रतिबंधों में कमी आई है। विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर इन उपलब्धियों के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध है।
आर्थिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
मजबूत पासपोर्ट रैंकिंग का व्यापार पर सीधा प्रभाव पड़ता है। व्यवसायियों के लिए अंतरराष्ट्रीय सौदे करना आसान हो गया है। पर्यटन उद्योग को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। विदेशी निवेशकों के लिए भारत आकर्षक स्थल बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुधार जारी रहेगा। भारत की अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ रैंकिंग में और सुधार होगा। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के अनुसार, दक्षिण एशिया में भारत की स्थिति सबसे मजबूत है। यह प्रगति देश की वैश्विक छवि को नई चमक दे रही है।
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