जन्माष्टमी 2026 पर अगर आप परिवार के साथ धार्मिक यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो देश की ये जगहें आपके लिए खास हो सकती हैं। मथुरा-वृंदावन, द्वारका, पुरी, मुंबई और गुरुवायुर में जन्माष्टमी अलग-अलग अंदाज में मनाई जाती है।
मथुरा-वृंदावन
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी पर मंदिरों की सजावट, भजन-कीर्तन और आधी रात जन्मोत्सव का खास माहौल रहता है।
द्वारका
द्वारकाधीश मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर विशेष पूजा, आरती और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। यहां कृष्ण की नगरी के दर्शन का अलग अनुभव मिलता है।
पुरी
जगन्नाथ धाम पुरी में मंदिर दर्शन के साथ समुद्र तट का आनंद भी लिया जा सकता है। परिवार के लिए यह धार्मिक और पर्यटन दोनों तरह की यात्रा बन सकती है।
मुंबई
मुंबई की जन्माष्टमी दही हांडी के लिए प्रसिद्ध है। ढोल-नगाड़ों और गोविंदा टीमों के साथ यहां उत्सव का माहौल देखने लायक होता है।
गुरुवायुर
केरल का गुरुवायुर श्रीकृष्ण मंदिर दक्षिण भारत का प्रमुख कृष्ण तीर्थ है। यहां जन्मोत्सव धार्मिक परंपराओं और विशेष पूजा के साथ मनाया जाता है।
अगर कृष्ण जन्मभूमि का अनुभव लेना चाहते हैं तो मथुरा-वृंदावन, दही हांडी देखना है तो मुंबई और मंदिरों की आध्यात्मिक यात्रा के लिए द्वारका या गुरुवायुर का प्लान बना सकते हैं। यात्रा से पहले मंदिरों की दर्शन व्यवस्था, होटल और यात्रा बुकिंग की जानकारी जरूर जांच लें।











