भूतपूर्व नागरिक उड्डयन सचिव खरोला एयर इंडिया में शामिल
पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने एयर इंडिया में कार्यकारी सलाहकार के रूप में कार्यभार संभाला है। वह अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन के सलाहकार बने हैं। वह एयरलाइन की प्रबंधन समिति के पूर्णकालिक सदस्य भी होंगे। यह जानकारी कंपनी ने दी है।
खरोला टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन में लौटे हैं। इससे पहले उन्होंने 2017 और 2019 के बीच एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) के रूप में काम किया था। एयर इंडिया के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदीप खरोला का अनुभव एयर इंडिया को मजबूती देगा
प्रदीप सिंह खरोला के पास 36 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में सेवा दी है। वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय में सचिव रह चुके हैं। उनका यह अनुभव एयरलाइन के लिए लाभदायक होगा।
एयर इंडिया को नई उड़ान भरने में खरोला की भूमिका अहम होगी। वह कंपनी के विस्तार और सेवा सुधारों में योगदान देंगे। उनकी नियुक्ति से एयरलाइन को नई दिशा मिलेगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पूर्व सचिव का अनुभव टाटा समूह को मजबूती प्रदान करेगा।
एयर इंडिया के प्रबंधन में बड़ा बदलाव
पिछले साल एयर इंडिया में कई बदलाव हुए हैं। पायलटों और कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की गई है। नई उड़ानों की शुरुआत भी की गई है। खरोला की नियुक्ति को इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
एयर इंडिया अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की तैयारी में है। खरोला के अनुभव से कंपनी को नई योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। उनकी रणनीतिक सोच एयरलाइन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
खरोला की वापसी से टाटा समूह को लाभ
खरोला ने वर्ष 2019 में एयर इंडिया छोड़ दिया था। उस समय एयरलाइन सरकारी स्वामित्व में थी। अब टाटा समूह ने एयरलाइन को खरीद लिया है। यह भारतीय विमानन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है।
टाटा समूह एयर इंडिया को मुनाफे में लाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। खरोला इस मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनकी विशेषज्ञता से सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
कंपनी के प्रबंधन समिति में खरोला शामिल होंगे। वह अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन को सीधे रिपोर्ट करेंगे। यह संरचना एयरलाइन के त्वरित निर्णय लेने में मदद करेगी।
एयर इंडिया वर्तमान में अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की घोषणा की गई है। खरोला का अनुभव इन योजनाओं को साकार करने में सहायक होगा।
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