नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बड़ा बदलाव किया है
भारत सरकार ने पासपोर्ट आवेदन शुल्क को संशोधित किया है। ये नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत ये बदलाव किए गए हैं। ये नियम पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत लागू होंगे। नई दरें पुरानी अनुसूची की जगह लेंगी।
नए शुल्क में क्या बदलाव होंगे?
नए शुल्क संरचना में कई श्रेणियों को शामिल किया गया है। इसमें सामान्य पासपोर्ट, तत्काल पासपोर्ट और अन्य सेवाएं शामिल हैं। आवेदकों को अब अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग शुल्क देना होगा। ये बदलाव सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। नई दरें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी। आवेदकों को आधिकारिक वेबसाइट पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर जानकारी मिलेगी।
शुल्क संशोधन के कारण और लाभ
सरकार ने ये फैसला प्रशासनिक लागत को कम करने के लिए लिया है। इससे पासपोर्ट सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। नए नियमों से आवेदन प्रक्रिया सरल होगी। डिजिटल भुगतान विकल्पों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। ये कदम पासपोर्ट सेवा को अधिक पारदर्शी बनाएगा। आवेदकों को कम समय में सेवा मिलेगी।
आवेदकों के लिए जरूरी सुझाव
आवेदकों को नई दरों की जांच करनी चाहिए। वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर शुल्क विवरण देख सकते हैं। तत्काल सेवा के लिए अलग शुल्क लागू होगा। सामान्य आवेदन के लिए मानक शुल्क होगा। आवेदकों को सलाह है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें। किसी भी फर्जी वेबसाइट से बचें। ये बदलाव 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे। सरकार ने सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है।
निष्कर्ष: डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम
ये संशोधन पासपोर्ट नियम 2026 को अधिक आधुनिक बनाएगा। इससे देशवासियों को लाभ होगा। सरकार ने सभी हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। ये फैसला भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करेगा। आवेदकों को नियमित अपडेट के लिए विदेश मंत्रालय की वेबसाइट देखनी चाहिए। यह कदम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देगा।











