रूसी जासूस 17 महीने बाद जापान से फरार, था एअरोफ्लोट कर्मचारी

russian-spy-aeroflot-employee-flees-japan-17-months

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जापान छोड़कर भागा कथित GRU अधिकारी, रूसी तकनीक खरीद पर सवाल

जापान में एक कथित GRU अधिकारी की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। यह व्यक्ति एअरोफ़्लोट कर्मचारी के रूप में जापान में रहता था। उसकी असली पहचान रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी (GRU) से जुड़ी होने का आरोप है। यह मामला तब सामने आया जब वह अचानक जापान छोड़कर भाग गया। इस घटना ने रूस द्वारा जापान से तकनीक खरीदने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जापानी सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं।

एअरोफ़्लोट कर्मचारी की आड़ में GRU का संदेह

जापान में रहने वाले इस व्यक्ति ने खुद को एअरोफ़्लोट का कर्मचारी बताया था। लेकिन जांच में पता चला कि वह वास्तव में GRU का अधिकारी हो सकता है। GRU रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी है। यह एजेंसी विदेशों में गुप्त ऑपरेशन करने के लिए जानी जाती है। जापानी अधिकारियों ने पाया कि यह व्यक्ति जापान से अत्याधुनिक तकनीक खरीदने की कोशिश कर रहा था। इसमें सेमीकंडक्टर और मशीनरी जैसे संवेदनशील उत्पाद शामिल थे। ये तकनीकें रूस के सैन्य उपयोग में आ सकती हैं।

जापान से रूसी तकनीक खरीद पर बढ़ी चिंता

यह पहली बार नहीं है जब रूस ने जापान से तकनीक हासिल करने की कोशिश की है। जापान दुनिया की सबसे उन्नत तकनीक वाला देश है। रूस अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए जापानी तकनीक पर निर्भर रहता है। यह मामला जापान की निर्यात नीति में कमजोरियों को उजागर करता है। जापान सरकार ने पहले ही इस तरह के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। लेकिन फिर भी GRU अधिकारी इसे दरकिनार करने में सफल रहा। यह जापानी सुरक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

जांच और भविष्य की कार्रवाई

जापानी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। वे यह पता लगा रहे हैं कि क्या इस GRU अधिकारी ने जापान में कोई और गुप्त गतिविधियां कीं। साथ ही, वे जापानी कंपनियों की भूमिका भी जांच रहे हैं। कुछ कंपनियों पर रूस को अवैध रूप से तकनीक बेचने का संदेह है। जापान सरकार ने ऐसे मामलों में कोई ढिलाई न बरतने की चेतावनी दी है। इसके लिए नए सुरक्षा कानून लाने की तैयारी चल रही है।

अधिक जानकारी के लिए देखें: रॉयटर्स – Asia Pacific और BBC हिंदी – विश्व समाचार
Related: अमेरिकन एयरलाइंस पर गुप्त निगरानी का आरोप, नया ऐप जारी