यूके ने एयर इंडिया से मांगा जवाब
ब्रिटेन की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने एयर इंडिया से स्पष्टीकरण मांगा है। यह मामला एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान से जुड़ा है। विमान को सुरक्षा जांच के लिए भारत में बाद में रोक दिया गया था। प्राधिकरण ने पूछा है कि लंदन से उड़ान भरने की अनुमति कैसे मिली।
ईंधन स्विच को लेकर थी चिंता
यह उड़ान 1 फरवरी, 2026 की थी। उस समय एक संभावित दोषपूर्ण ईंधन नियंत्रण स्विच को लेकर चिंताएं थीं। फिर भी विमान को लंदन से उड़ान भरने दिया गया। इस घटना ने विमान की उड़ान योग्यता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियामक अनुपालन पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल
इस मामले ने विमानन सुरक्षा मानकों पर गंभीर चिंता जताई है। यह जांच दिखाती है कि जोखिम का प्रबंधन कैसे किया गया। अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। एयर इंडिया की प्रतिक्रिया अब सभी की नजर में होगी।
नियामक निगरानी की कसौटी
यह घटना नियामक निगरानी प्रक्रियाओं की जांच का मौका है। भारत और यूके के नियामकों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है। विमानन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रोटोकॉल आवश्यक हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय किए जाने चाहिए।
विमानन सुरक्षा मानकों के बारे में अधिक जानकारी अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन की वेबसाइट पर मिल सकती है। भारतीय नियमों के लिए भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय देखें।












