इजरायली सेना के दिग्गज ने यूनाइटेड एयरलाइंस के खिलाफ दायर की लापरवाही की मुकदमा
2014 के गाजा संघर्ष के दौरान अपना पैर गंवाने वाले एक इजरायली सैन्य दिग्गज ने यूनाइटेड एयरलाइंस के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि बेन गुरियन हवाई अड्डे पर एयरलाइन कर्मचारियों ने उन्हें गतिशीलता सहायता प्रदान करने में विफल रहे। यह मामला विकलांग यात्रियों के अधिकारों और हवाई अड्डे की सुविधाओं पर सवाल खड़ा करता है।
हवाई अड्डे पर सहायता न मिलने की शिकायत
यह घटना तेल अवीव स्थित बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर घटी। यात्री के अनुसार, प्री-बुक की गई व्हीलचेयर सहायता उपलब्ध नहीं थी। एयरलाइन स्टाफ ने पर्याप्त सहयोग नहीं दिया। इस लापरवाही के कारण उन्हें शारीरिक और मानसिक कष्ट झेलने पड़े। यह घटना विकलांग यात्रियों के लिए यात्रा की चुनौतियों को उजागर करती है।
एयरलाइन पर गंभीर आरोप
मुकदमे में यूनाइटेड एयरलाइंस पर अमेरिकी विकलांग अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। इजरायली कानून के तहत भी यह सेवा की कमी दंडनीय है। एयरलाइन ने अभी तक इस मामले पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, कंपनी ने सभी यात्रियों को समान सेवा देने का वादा किया है। विकलांग यात्री अधिकारों के बारे में अधिक जानकारी Disability Rights Association से प्राप्त की जा सकती है।
विमानन उद्योग के लिए सबक
यह मामला वैश्विक विमानन उद्योग के लिए एक चेतावनी है। सभी एयरलाइंस को विकलांग यात्रियों की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। हवाई अड्डों पर विशेष प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती आवश्यक है। यात्रा उद्योग में समावेशन बढ़ाने के लिए International Air Transport Association के दिशा-निर्देश मददगार हो सकते हैं। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
भविष्य के प्रभाव
इस मुकदमे का परिणाम वैश्विक विमानन नीतियों को प्रभावित कर सकता है। एयरलाइंस को अपनी विकलांग यात्री सेवाओं की समीक्षा करनी होगी। यह मामला अन्य समान शिकायतों को प्रोत्साहित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकलांग यात्री अधिकारों की मांग बढ़ेगी। इससे हवाई यात्रा को सभी के लिए सुलभ बनाने में मदद मिलेगी।
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