US VISA : अमेरिकी वीजा नीति में बदलाव: H-1B पर नए प्रतिबंध, भारतीय पेशेवरों पर असर

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नई दिल्ली (ट्रैवल पोस्ट) US VISA : अमेरिका में कैरियर बनाने का सपना देख रहे भारतीय पेशेवरों के लिए एक चुनौतीपूर्ण खबर आई है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश को फिर से चर्चा में लाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कुछ विशिष्ट वीजा श्रेणियों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना था। हालाँकि यह आदेश अब पूरी तरह से लागू नहीं है, लेकिन इसने H-1B वीजा जैसे कार्य वीजाओं पर नीतिगत बहस को फिर से शुरू कर दिया है, जिससे भारतीय आईटी और टेक सेक्टर के पेशेवर चिंतित हैं।

ऐसे में, अमेरिका जाने के इच्छुक भारतीयों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके लिए कौन-सा वीजा सबसे उपयुक्त हो सकता है। अमेरिका मुख्य रूप से दो प्रकार के वीजा जारी करता है:

  1. गैर-आप्रवासी वीजा (Non-Immigrant Visa): अस्थायी प्रवास के लिए, जैसे पर्यटन, अध्ययन, या अस्थायी कार्य।

  2. आप्रवासी वीजा (Immigrant Visa / Green Card): अमेरिका में स्थायी निवास और कार्य के लिए।

आइए जानते हैं इन वीजाओं के प्रकारों के बारे में विस्तार से:

1. पर्यटन और व्य negativess यात्रा के लिए वीजा

  • B-1 वीजा: व्यावसायिक बैठकों, सम्मेलनों या अन्य पेशेवर गतिविधियों के लिए।

  • B-2 वीजा: पर्यटन, छुट्टियाँ, चिकित्सा उपचार, या रिश्तेदारों से मिलने के लिए।

  • लोकप्रियता: भारतीय नागरिकों को आमतौर पर B-1/B-2 कॉम्बिनेशन वीजा जारी किया जाता है, जो 10 वर्षों के लिए मान्य (वैलिड) होता है और इसमें बहु-प्रवेश (Multiple Entries) की सुविगा भी होती है।

2. अध्ययन और विनिमय कार्यक्रम के लिए वीजा

  • F-1 वीजा: एक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज में अकादमिक अध्ययन के लिए।

  • M-1 वीजा: वोकेशनल या तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए।

  • J-1 वीजा: छात्र विनिमय कार्यक्रम, शोध, या ऑ-पेयर (Au Pair) जैसे कार्यक्रमों के लिए।

3. रोजगार के लिए वीजा (प्रमुख श्रेणियाँ)

  • H-1B वीजा: उच्च-कुशलता वाले विशेषज्ञों (जैसे आईटी, इंजीनियरिंग, वित्त) के लिए। यह भारतीय पेशेवरों के बीच सबसे अधिक मांग वाला वीजा है।

  • L-1 वीजा: किसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के अंदरूनी स्थानांतरण (Intra-company Transfer) के लिए, जो भारत में किसी कंपनी में काम कर चुका है।

  • H-2A/H-2B वीजा: अस्थायी कृषि (H-2A) और गैर-कृषि (H-2B) seasonal श्रमिकों के लिए।

  • O-1 वीजा: विज्ञान, कला, शिक्षा, व्यवसाय या एथलेटिक्स के क्षेत्र में असाधारण क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए।

  • P वीजा: मनोरंजन करने वाले कलाकारों, एथलीटों और उनकी टीम के लिए।

4. स्थायी निवास के लिए: आप्रवासी वीजा (ग्रीन कार्ड)

अमेरिका में स्थायी रूप से बसने और काम करने के लिए ग्रीन कार्ड आवश्यक है। यह मुख्यतः दो आधारों पर मिलता है:

  • परिवार-आधारित: एक अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी अपने परिवार के सदस्य के लिए आवेदन कर सकता है।

  • रोजगार-आधारित: किसी अमेरिकी नियोक्ता द्वारा स्थायी नौकरी का ऑफर मिलने पर।

वीजा शुल्क (Fees) का विवरण

वीजा शुल्क वीजा के प्रकार पर निर्भर करता है और इसमें बदलाव हो सकता है। मौजूदा समय में अनुमानित शुल्क इस प्रकार हैं:

  • B-1/B-2, F, M, J वीजा: $185 (लगभग ₹15,400)

  • H, L, O, P, Q वीजा: $205 (लगभग ₹17,100)

  • आप्रवासी वीजा: $325 से $675 तक

नोट: एक नया Visa Integrity Fee ($250) जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है, जिससे B-1/B-2 वीजा की कुल लागत $472 तक बढ़ सकती है।

आवेदन प्रक्रिया

अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन प्रक्रिया में मुख्य रूप से ये कदम शामिल हैं:

  1. ऑनलाइन आवेदन (DS-160 फॉर्म) भरना।

  2. वीजा शुल्क का भुगतान करना।

  3. अमेरिकी दूतावास/वाणिज्य दूतावास में साक्षात्कार के लिए अपॉइंटमेंट लेना।

  4. साक्षात्कार में सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना और वीजा अधिकारी के प्रश्नों के उत्तर देना।

सही दस्तावेज और ठोस तैयारी आपके वीजा के अनुमोदन की संभावना को काफी बढ़ा सकती है। किसी भी वीजा के लिए आवेदन करने से पहले अमेरिकी दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट से नवीनतम नियमों और शुल्कों की जांच अवश्य कर लें।