भारत और अमेरिका के यूटा राज्य के बीच पर्यटन-व्यापार सहयोग को नई दिशा देते हुए Utah Office of Tourism ने AVIAREPS इंडिया के साथ मिलकर Utah Reverse Mission 2025 का आयोजन किया। यह पहली बार है जब भारतीय ट्रैवल इंडस्ट्री के विशेषज्ञ सीधे यूटा पहुँचे और वहां के पर्यटन उत्पादों, स्थानीय भागीदारों व व्यावसायिक अवसरों को नज़दीक से समझा।
यह पहल पारंपरिक आउटबाउंड टूरिज्म मिशन से अलग रही, जिसमें भारतीय प्रतिनिधियों को इमर्सिव डेस्टिनेशन एक्सपीरियंस, गहन गंतव्य शिक्षा और व्यापारिक नेटवर्किंग का अवसर मिला। इसका उद्देश्य भारत-यूटा पर्यटन सहयोग को दीर्घकालिक और व्यावहारिक आधार देना रहा।
भारतीय ट्रैवल विशेषज्ञों का यूटा अनुभव
Utah Reverse Mission 2025 के तहत भारतीय ट्रैवल प्रोफेशनल्स ने यूटा के प्रमुख प्राकृतिक और सांस्कृतिक आकर्षणों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। कार्यक्रम में गाइडेड साइट विज़िट स्थानीय स्टेकहोल्डर्स के साथ हाई-लेवल बिज़नेस मीटिंग्स पर्यटन उत्पादों, सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय नीतियों पर चर्चा शामिल रहीं। AVIAREPS इंडिया ने कार्यक्रम के फ्रेमवर्क, समन्वय और रणनीतिक मार्गदर्शन में अहम भूमिका निभाई।
व्यापारिक संवाद और नई साझेदारियाँ
भारतीय एजेंसियों और यूटा के स्थानीय पर्यटन साझेदारों के बीच एडवेंचर टूरिज्म स्कीइंग और आउटडोर एक्सपीरियंस सांस्कृतिक और सस्टेनेबल टूर पैकेज पर गहन विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने विपणन सामग्री के स्थानीयकरण, डिजिटल प्रमोशन और ग्राहक अनुभव डिज़ाइन पर भी विचार साझा किए।
परिणाम और भविष्य की संभावनाएँ
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि इस मिशन से भारत-यूटा पर्यटन सहयोग मजबूत होगा यात्री प्रवाह और संभावित नई उड़ानों के अवसर बनेंगे भारतीय टूर ऑपरेटर्स को यूटा के लिए नए प्रोडक्ट्स मिलेंगे आने वाले महीनों में संयुक्त मार्केटिंग अभियानों और मीडिया सहयोग के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा।
आगे की राह
Utah Reverse Mission 2025 को एक दीर्घकालिक द्विपक्षीय पर्यटन मॉडल की शुरुआत माना जा रहा है। सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर निवेश, प्रचार और पर्यटन अवसंरचना को बढ़ावा देंगे। यह पहल भारत और यूटा को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक उभरते साझेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है।
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