डीजीसीए ने पश्चिम एशिया में 11 हवाई क्षेत्रों को ‘उच्च जोखिम’ घोषित किया
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक तत्काल सुरक्षा सलाह जारी की है। इसके तहत पश्चिम एशिया के 11 हवाई क्षेत्रों को ‘उच्च जोखिम’ वाला क्षेत्र घोषित किया गया है। यह कदम बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच उठाया गया है। यह सलाह 28 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी।
इन देशों के हवाई क्षेत्र शामिल
उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में प्रमुख संघर्ष क्षेत्र शामिल हैं। इसमें ईरान, इजराइल, लेबनान और इराक के हवाई क्षेत्र हैं। साथ ही खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्से भी इस सूची में हैं। यह सलाह भारतीय एयरलाइंस और विमान चालकों के लिए है। इसका पालन करना अनिवार्य होगा।
विमान सेवाओं पर प्रभाव
इस सुरक्षा सलाह का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ेगा। एयरलाइंस को इन क्षेत्रों में उड़ान मार्ग बदलने होंगे। यात्रियों को भी लंबे मार्ग के कारण देरी का सामना करना पड़ सकता है। ईंधन की खपत भी बढ़ सकती है। इससे उड़ान की लागत प्रभावित होगी।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन
डीजीसीए का यह कदम अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन सुरक्षा मानकों के अनुरूप है। संघर्ष क्षेत्रों में नागरिक विमानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में अधिक जानकारी अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
यात्रियों के लिए सलाह
निकट भविष्य में पश्चिम एशिया की यात्रा करने वाले यात्री सतर्क रहें। अपनी एयरलाइन से उड़ान मार्ग की पुष्टि कर लें। यात्रा बीमा की शर्तों को भी समझ लें। वैश्विक हवाई यातायात पर नजर रखने के लिए फ्लाइट रडार जैसे टूल उपयोगी हो सकते हैं।











