विज एयर यूके ने अमेरिकी अनुमति के लिए आवेदन किया
विज एयर यूके ने ट्रांसअटलांटिक उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई है। कंपनी ने अमेरिकी परिवहन विभाग से अनुमति के लिए आवेदन किया है। यह योजना एयरबस ए321एक्सएलआर विमानों के साथ शुरू होगी। पहले चरण में चार्टर सेवाएं संचालित की जाएंगी। यह कदम ओपन स्काईज समझौते के नियमों के तहत उठाया जा रहा है।
ओपन स्काईज नियमों का लाभ उठाएगी कंपनी
यह समझौता यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच हवाई सेवाओं को नियंत्रित करता है। इसके तहत एयरलाइंस को मार्गों और किराए तय करने की स्वतंत्रता होती है। विज एयर इसका लाभ उठाकर नए बाजार में प्रवेश करेगी। चार्टर सेवाएं शुरू करना एक रणनीतिक फैसला है। इससे कंपनी बाजार की मांग को समझ सकेगी।
ए321एक्सएलआर विमानों से होगी शुरुआत
एयरबस ए321एक्सएलआर विमान लंबी दूरी की उड़ानों के लिए अनुकूलित हैं। इनकी रेंज लगभग 4,700 नॉटिकल मील होती है। यह विमान ईंधन दक्षता में अग्रणी माने जाते हैं। विज एयर की यह पहल अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ के अनुरूप है। यह कम लागत वाली लंबी दूरी की उड़ानों के नए युग की शुरुआत हो सकती है।
यातायात बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
विज एयर का यह कदम ट्रांसअटलांटिक यातायात बाजार को प्रभावित करेगा। मौजूदा एयरलाइंस के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है। यात्रियों को अधिक विकल्प और किफायती किराए मिल सकते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के उद्देश्यों को भी बल मिलेगा। हवाई परिवहन क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहन मिल सकता है।
भविष्य की योजनाओं पर नजर
चार्टर सेवाओं के बाद विज एयर नियमित उड़ानें शुरू कर सकती है। कंपनी की रणनीति यूरोप और अमेरिका के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने की है। इससे पर्यटन और व्यापार दोनों क्षेत्रों को लाभ होगा। विमानन उद्योग में यह एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है। आने वाले समय में अन्य एयरलाइंस भी इसी राह पर चल सकती हैं।
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