नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन का असर अब पर्यटन कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बाढ़ की तस्वीरों और लगातार सामने आ रही खबरों के कारण भारतीय पर्यटक अपनी नेपाल यात्राएं रद्द या स्थगित कर रहे हैं।
झारखंड के ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, सितंबर के अंत और अक्टूबर में प्रस्तावित नेपाल यात्राओं की 60 से 70 प्रतिशत तक बुकिंग कैंसिल हो चुकी है। खासतौर पर परिवारों और तीर्थयात्रियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
बिहार में भी नेपाल जाने वाले पर्यटकों की संख्या में तेज गिरावट दर्ज की गई है। पटना, गया और मुजफ्फरपुर के ट्रैवल ऑपरेटरों को लगातार कैंसिलेशन और रीशेड्यूलिंग के अनुरोध मिल रहे हैं। कुछ यात्री नेपाल की जगह गोवा, राजस्थान और दक्षिण भारत जैसे विकल्प चुन रहे हैं।
सड़क और बस कनेक्टिविटी प्रभावित होने से काठमांडू और पोखरा जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नेपाल भारत के लिए एक लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार है, ऐसे में मौजूदा संकट का असर होटल, ट्रांसपोर्ट, ट्रैवल एजेंसियों और स्थानीय पर्यटन कारोबार पर पड़ने की आशंका है।
हालांकि, ट्रैवल इंडस्ट्री को उम्मीद है कि राहत और पुनर्निर्माण कार्य आगे बढ़ने तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों की स्थिति सामान्य होने के बाद नेपाल में पर्यटकों की आवाजाही धीरे-धीरे वापस लौट सकती है।











