17वीं ATOAI सम्मेलन: क्या कश्मीर में एडवेंचर पर्यटन फिर लौट रहा है?

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Kashmir की रमणीय पहाड़ियों के बीच 17वीं ATOAI वार्षिक कॉन्फ्रेंस सम्पन्न हुई। यह मंच साहसिक पर्यटन के लिए नई पुनर्जागरण क्षमता का स्पष्ट संकेत देता है। पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, एडवेंचर टूर ऑपरेटर और विशेषज्ञ एक साथ जुटे रहे। सम्मेलन ने जम्मू-कश्मीर को भारतीय पर्यटन का मुकुट माना और उसकी महत्ता पर बल दिया। उसके भविष्य के लिए ठोस रोडमैप की मांग उठी है और यह आयोजन नीति-निर्माताओं के साथ उद्योग के गहरे सहयोग को रेखांकित करता है। आगे जानकारी हेतु Ministry of Tourism देखें।

रणनीति और सहयोग कार्यक्रम में सरकार-उद्योग भागीदारी पर जोर दिया गया ताकि निवेश बढ़े। टूरिज्म मिनिस्ट्री ने सुरक्षा मानक, लाइसेंसिंग और मार्गदर्शन पर स्पष्ट निर्देश दिए। मानक प्रक्रियाएं साहसिक गतिविधियों को अधिक सुरक्षित बनाती हैं। स्थानीय समुदायों के लिए प्रशिक्षण और कौशल विकास पर खास जोर रहा। जोखिम-आकलन, पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन पर गहन चर्चा हुई। एजेंसी और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग से इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम तेज होगा। ATOAI ने नीति मार्गदर्शन से पर्यटन प्रक्रिया सहज बनाने की जरूरत बताई।
आर्थिक प्रभाव और विपणन घटना से जम्मू-कश्मीर के आर्थिक परिदृश्य में नया उत्साह देखा गया। विश्वस्तर पर साहसिक यात्रा के प्रचार से आय में वृद्धि की संभावना बढ़ी। स्थानीय गाइड, ट्रैवल कंपनियाँ और होटलों को नए अवसर मिलेंगे। डिजिटल मार्केटिंग से एडवेंचर टूरिज्म का ब्रांड विश्वस्तर पर जाएगा। सतत पर्यटन के निर्देश से पर्यटक प्रवाह में स्थिरता आएगी। रूट-इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरेगा ताकि पहुंच सुगम हो और सुरक्षा बेहतर हो। ATOAI की आधिकारिक जानकारी यहाँ देखें ATOAI.
प्रमुख वक्तव्य कार्यक्रम के उद्घाटन पर पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने पुनर्जीवन की संभावना पर जोर दिया। ATOAI के अध्यक्ष ने उद्योग की क्षमता की प्रशंसा की और अगले कदम बताए। उन्होंने कहा कि नीति-समर्थन से साहसिक पर्यटन तेज़ी से विकसित होगा। सततता, सुरक्षा और स्थानीय भागीदारी पर उनका स्पष्ट जोर रहा। समिति बनाने और मार्गदर्शिका अद्यतन पर विचार-विमर्श हुआ। यह सम्मेलन पारंपरिक पर्यटन से एडवेंचर का संतुलित संयोजन बनायेगा। घटना से सीख लेकर सुरक्षा मानक और प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।
भविष्य की राह और संपर्क आगामी वर्षों के लिए एक संयुक्त रोडमैप तैयार किया गया है। उद्योग साझेदारों के साथ पर्याप्त फंडिंग और कार्यक्रम-मैपिंग की योजना है। स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार-निर्माण और क्षमता-विकास प्राथमिकता में रहेगा। सुरक्षा और सततता के संतुलन से पर्यटन का लाभ फैलाया जाएगा। सरकार, निजी क्षेत्र और संगठनों के बीच सहयोग स्पष्ट संकेत देगा। अगले कदमों की आधिकारिक सूचना वेबसाइटों पर प्रकाशित होगी।इस प्रयास से जम्मू-कश्मीर एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन सकता है, अधिक जानकारी यहाँ देखें Incredible India.