सेना ने पूर्व सिक्किम में महिला पर्यटन को कैसे बढ़ाया?

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सिक्किम की सीमा पर 13,000 फीट ऊंचाई पर महिला संचालित कैफे शुरू

सिक्किम के दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर ने बाबा हरभजन सिंह तीर्थ के पास लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर एक कैफे खोला है। यह कैफे पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा। यह पहल स्थानीय महिलाओं को रोजगार देने और उनकी आजीविका सुधारने में मदद करेगी।

महिलाओं की आर्थिक आजीविका को मिलेगा बढ़ावा

इस कैफे का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सेना ने स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है। वे यहां पर चाय, कॉफी और स्थानीय व्यंजन परोसेंगी। इस पहल से पर्यटकों को भी अच्छी सुविधा मिलेगी। यह सिक्किम में महिला उद्यम को बढ़ावा देने का एक प्रयास है। सिक्किम पर्यटन को इससे बहुत फायदा होगा।

बाबा हरभजन सिंह तीर्थ का महत्व

बाबा हरभजन सिंह तीर्थ सिक्किम का बहुत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह स्थान समुद्र तल से बहुत ऊंचाई पर है। यहां हर साल हजारों पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। नए कैफे के खुलने से पर्यटकों को राहत मिलेगी। वे ठंड में गर्म चाय का आनंद ले सकते हैं। यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। सिक्किम राज्य पर्यटन के लिए यह एक सकारात्मक कदम है।

सेना का योगदान और स्थानीय सहयोग

भारतीय सेना का यह प्रयास सराहनीय है। त्रिशक्ति कोर ने इस पूरी परियोजना को मूर्त रूप दिया है। सेना ने स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण देने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित कीं। महिलाएं अब खुद का व्यवसाय चलाने में सक्षम होंगी। इससे सीमावर्ती इलाकों में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। सेना ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखा है।

पर्यटन और रोजगार के नए अवसर

यह कैफे पर्यटन को नई दिशा देगा। स्थानीय उत्पादों का उपयोग किया जाएगा। महिलाओं को आय का स्थायी स्रोत मिलेगा। यह पहल सिक्किम के अन्य दूरदराज इलाकों के लिए प्रेरणा बनेगी। सेना ऐसे प्रयास जारी रखेगी। अधिक महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का लक्ष्य है। सिक्किम में महिला सशक्तिकरण के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम है।

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