अमेरिकन एयरलाइंस पर मुकदमा बहाल
अपील अदालत ने अमेरिकन एयरलाइंस पर मुकदमा बहाल कर दिया है। यह मामला एक किशोर की उड़ान के दौरान मौत से जुड़ा है। आरोप है कि विमान में AED (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) खराब था। इस उपकरण का उपयोग दिल की धड़कन बहाल करने के लिए किया जाता है। किशोर की मौत के बाद परिवार ने मुकदमा दायर किया था। निचली अदालत ने पहले मामले को खारिज कर दिया था। अब अपील अदालत ने इसे फिर से सुनवाई के लिए स्वीकार किया है।
क्या हुआ था उस उड़ान में?
यह घटना 2022 में हुई थी। एक 14 वर्षीय किशोर अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहा था। उड़ान के दौरान उसे दिल का दौरा पड़ा। चालक दल ने तुरंत AED का उपयोग करने की कोशिश की। लेकिन डिवाइस काम नहीं कर रहा था। कई प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिली। किशोर की मौत हो गई। परिवार का कहना है कि एयरलाइंस ने लापरवाही बरती। उन्होंने उपकरणों की जांच नहीं की थी। इससे बचाव के प्रयास विफल रहे।
अदालत का फैसला और आगे की कार्रवाई
अपील अदालत ने कहा कि मामले में सुनवाई होनी चाहिए। अदालत ने पाया कि एयरलाइंस की जिम्मेदारी तय करने के लिए सबूत हैं। यहां पूरी रिपोर्ट पढ़ें। निचली अदालत ने माना था कि एयरलाइंस को कोई दोष नहीं है। लेकिन अपील अदालत ने इस फैसले को पलट दिया। अब मुकदमा आगे बढ़ेगा। इसमें जांच होगी कि AED खराब क्यों था। एयरलाइंस को अपने उपकरणों की जांच का सबूत देना होगा।
एयरलाइंस की सुरक्षा नीतियों पर सवाल
इस मामले ने एयरलाइंस की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठाए हैं। सुरक्षा उपायों के बारे में जानें। अमेरिकन एयरलाइंस का कहना है कि वह नियमों का पालन करती है। लेकिन परिवार का आरोप है कि लापरवाही से मौत हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि AED का नियमित परीक्षण जरूरी है। इस घटना से एयरलाइंस को अपनी नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए। इससे भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचा जा सकेगा।
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