जानें मिजोरम पर्यटन और CYMA के समझौते से कैसे बढ़ेगा सहयोग

mizoram-tourism-cyma-mou-boosts-cooperation

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मिजोरम पर्यटन और सीवाईएमए के बीच ऐतिहासिक समझौता

मिजोरम पर्यटन विभाग और सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (सीवाईएमए) ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी। यह समझौता मंगलवार को पर्यटन सचिव वनलालदीना फनाई और सीवाईएमए अध्यक्ष आर लालंगेता की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। मिजोरम की प्राकृतिक सुंदरता को देश-विदेश में प्रचारित करने की यह एक सराहनीय पहल है।

पर्यटन मंत्री का बयान और सहयोग की रूपरेखा

पर्यटन मंत्री लालनघिंगलोवा हमर ने कहा कि यह समझौता राज्य के पर्यटन विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। उन्होंने बताया कि सीवाईएमए, जो मिजोरम का सबसे बड़ा युवा संगठन है, के साथ यह साझेदारी स्थानीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने में मदद करेगी। इस सहयोग के तहत संयुक्त रूप से पर्यटन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, पर्यटन स्थलों की सफाई और संरक्षण पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस पहल से मिजोरम पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

युवा शक्ति का पर्यटन में योगदान

इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में सक्रिय भागीदार बनाना है। सीवाईएमए के पास पूरे राज्य में व्यापक नेटवर्क है, जो पर्यटन संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में सक्षम होगा। यह संगठन पर्यटकों के लिए स्वागत केंद्र स्थापित करने और जागरूकता अभियान चलाने में मदद करेगा। इसके अलावा, स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को मंच प्रदान करना भी इस समझौते का हिस्सा है। मिजोरम पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह कदम राज्य के समग्र विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

पर्यटन स्थलों का विकास और प्रचार

दोनों संस्थाएं मिलकर राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर काम करेंगी। इसमें रिहाइशी पर्यटन, साहसिक खेल और सांस्कृतिक उत्सवों को बढ़ावा देना शामिल है। मिजोरम के शांत वातावरण और हरी-भरी पहाड़ियों को देखने के लिए देशभर से पर्यटक आते हैं। इस साझेदारी का लाभ उठाते हुए, पर्यटन विभाग नए अभियानों की योजना बना रहा है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिजोरम को एक बेहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह सहयोग भारत सरकार की पर्यटन नीतियों के अनुरूप भी है, जो स्थानीय स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहित करती है।

आर्थिक और सामाजिक लाभ की संभावना

इस समझौते से मिजोरम में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पर्यटन क्षेत्र के विस्तार से होटल, ट्रांसपोर्ट और हस्तशिल्प जैसे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। सीवाईएमए के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे पर्यटकों को बेहतर सेवाएं दे सकें। स्थानीय समुदायों की भागीदारी से पर्यटन का लाभ सीधे गांवों तक पहुंचेगा। मिजोरम सरकार को उम्मीद है कि यह पहल राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस कदम से मिजोरम पर्यटन उद्योग को एक मजबूत आधार मिलेगा, जो आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में से एक बन सकता है।

Related: जानिए BRICS 2026 पर्यटन की पहली बैठक में भारत की अध्यक्षता