नई दिल्ली: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। एयरपोर्ट के ऑपरेटर Zurich Airport International AG ने माना है कि नए एयरपोर्ट पर हवाई यातायात में बढ़ोतरी शुरुआती अनुमान की तुलना में धीमी रह सकती है।
Zurich Airport के अनुसार, मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और एविएशन सेक्टर में बनी अनिश्चितता का असर एयरपोर्ट के ट्रैफिक रैंप-अप पर पड़ सकता है। हालांकि, कंपनी ने भारतीय एविएशन मार्केट और नोएडा एयरपोर्ट की लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसा जताया है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 15 जून 2026 से व्यावसायिक संचालन शुरू किया था। जून में यहां करीब 25,000 यात्रियों ने सफर किया, जबकि जुलाई में यह संख्या बढ़कर लगभग 77,000 हो गई। इसी अवधि में उड़ानों की संख्या भी 204 से बढ़कर 1,044 पहुंच गई।
ऑपरेटर के मुताबिक एयरपोर्ट का रूट नेटवर्क लगातार बढ़ाया जाएगा और आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी जोड़े जाने की उम्मीद है।
नोएडा एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष है। ऐसे में आने वाले महीनों में एयरलाइंस की संख्या, नए रूट और दिल्ली-एनसीआर से कनेक्टिविटी एयरपोर्ट की ग्रोथ के लिए अहम भूमिका निभाएगी।
लंबी अवधि की उम्मीद बरकरार
हालांकि शुरुआत में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रहने की संभावना जताई गई है, लेकिन Zurich Airport ने भारतीय एविएशन बाजार की मजबूत दीर्घकालिक क्षमता पर विश्वास जताया है। कंपनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण नए एविएशन गेटवे के रूप में देख रही है।











