डिजिटल आगमन कार्ड से बदल रहा है पर्यटन का तरीका
बहामास, डोमिनिका और कई अमेरिकी देश अब पर्यटकों के आगमन के तरीके को बदल रहे हैं। डिजिटल आगमन कार्ड की शुरुआत से कागजी फॉर्म की प्रक्रिया तेजी से खत्म हो रही है। अब यात्रियों को सीमा पर पहुंचने से पहले ही ऑनलाइन जानकारी देनी होती है। इससे समय की बचत होती है और प्रक्रिया सरल बनती है। पर्यटक अब लंबी कतारों में इंतजार नहीं करते। डिजिटल कार्ड पहले से भरने से सीमा पर तेजी से साफ-सफाई होती है।
डिजिटल कार्ड से कैसे बदल रहा है यात्रा का अनुभव
यह बदलाव सिर्फ कागजी काम कम करने का नहीं है। यह पर्यटन उद्योग की दिशा बदल रहा है। बहामास और डोमिनिका जैसे द्वीपीय देशों में पर्यटन अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। डिजिटल आगमन कार्ड से यात्री सुरक्षित और सुव्यवस्थित प्रवेश अनुभव करते हैं। यह प्रवृत्ति कैरेबियाई और उत्तर अमेरिकी देशों में तेजी से फैल रही है। आगमन कार्ड अब कस्टम घोषणा पत्र और स्वास्थ्य जानकारी का काम भी करते हैं। बहामास पर्यटन वेबसाइट पर पहले से ही दिशानिर्देश साफ हैं।
पर्यटकों को क्या करना होगा?
पर्यटकों को फ्लाइट लेने से कम से कम 24 घंटे पहले ऑनलाइन फॉर्म भरना आवश्यक है। इसमें पासपोर्ट विवरण, ठहरने की जगह और वापसी की तारीख पूछी जाती है। कुछ देशों में आगमन पर क्यूआर कोड दिखाना अनिवार्य है। यह क्यूआर कोड सीमा अधिकारी को तुरंत स्कैन करना होता है। इससे प्रवेश प्रक्रिया में लगने वाला समय घटकर कुछ मिनट रह जाता है। डोमिनिका सरकार की आधिकारिक साइट पर भी यही व्यवस्था सक्रिय है। मोबाइल फोन ही अब यात्रा दस्तावेज बन गया है।
छोटे देशों के लिए बड़ा अवसर
छोटे देशों के लिए डिजिटल व्यवस्था बड़ी उपलब्धि है। इसमें मैनपावर की जरूरत कम होती है और डेटा संग्रह सटीक होता है। सरकारें पर्यटकों की संख्या और पसंद का आंकड़ा तुरंत पा सकती हैं। इससे पर्यटन नीतियों को बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकता है। अमेरिकी महाद्वीप के कई देश इस मॉडल को अपना रहे हैं। एंटीगुआ, बारबाडोस और त्रिनिदाद जैसे देश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलाव महामारी के बाद की दुनिया में विश्वसनीय यात्रा सुनिश्चित करता है।
डिजिटल बदलाव से कम होगा प्रदूषण
कागजी फॉर्म बंद करने से पर्यावरण को भी लाभ मिल रहा है। हर साल लाखों कागजी फॉर्म छपते थे, जो बेकार हो जाते थे। अब डिजिटल प्रक्रिया से कागज की बचत हो रही है। साथ ही डेटा सुरक्षा भी बेहतर हुई है। कागजी फॉर्म में जानकारी खोने का खतरा रहता था। डिजिटल कार्ड से जानकारी क्लाउड स्टोरेज में सुरक्षित रहती है। पर्यटकों को अपने फोन से ही सब कुछ मैनेज करना आसान है। आने वाले समय में यह प्रवृत्ति और देशों में भी लागू होगी। डिजिटल दुनिया का यह कदम पर्यटन को हरित और सुलभ बना रहा है।











