ग्रामीण पर्यटन में जर्मनी-ब्रिटेन आगे, साइप्रस ले जा रहा एड्रियाटिक से परे?

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साइप्रस पर्यटन में जर्मनी, ब्रिटेन, पोलैंड और स्वीडन की बढ़ती भूमिका

साइप्रस के पर्यटन क्षेत्र में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जर्मनी, ब्रिटेन, पोलैंड और स्वीडन जैसे देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है। खासकर ट्रूडos पहाड़ी क्षेत्र अब पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनकर उभरा है। यह इलाका अब सिर्फ समुद्र तटों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण पर्यटन, वाइन रूट्स और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाने लगा है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव साइप्रस को सालभर पर्यटन स्थल बनाने में मददगार साबित हो रहा है।

ट्रूडos पहाड़ी क्षेत्र का नया पर्यटन चेहरा

ट्रूडos पहाड़ी क्षेत्र अब साइप्रस पर्यटन की रीढ़ बन चुका है। यहाँ के प्राचीन गांव, पत्थर के घर और हरे-भरे जंगल पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं। यूरोपीय पर्यटक खासकर जर्मनी और स्वीडन से आने वाले लोग यहां की शांति और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं। पोलैंड से आने वाले पर्यटक भी अब तटीय इलाकों के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में रुचि दिखा रहे हैं। ब्रिटिश पर्यटकों के लिए यह क्षेत्र साहसिक गतिविधियों और ट्रैकिंग के लिए प्रसिद्ध हो रहा है। इसके चलते स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

वाइन रूट्स और सांस्कृतिक विरासत का बढ़ता महत्व

साइप्रस की वाइन संस्कृति अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। ट्रूडos क्षेत्र के वाइन रूट्स पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। यहां की पारंपरिक वाइनरी और अंगूर के बाग विदेशी मेहमानों को खासा लुभाते हैं। ग्रामीण पर्यटन के तहत अब पर्यटक स्थानीय त्योहारों, हस्तशिल्प और व्यंजनों का भी आनंद ले रहे हैं। पोलैंड के पर्यटक सांस्कृतिक धरोहर स्थलों को देखने में अधिक रुचि दिखाते हैं, जबकि जर्मनी और स्वीडन के लोग वाइन टेस्टिंग टूर पसंद करते हैं। यह विविधता साइप्रस पर्यटन को एक नया आयाम दे रही है।

सालभर पर्यटन की ओर बढ़ता कदम

पहले साइप्रस का पर्यटन सिर्फ गर्मी के मौसम तक सीमित था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। ट्रूडos क्षेत्र के विकास के कारण अब सर्दियों में भी पर्यटक आते हैं। ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड और स्वीडन के बाजारों में साइप्रस की छवि अब एक सालभर चलने वाले गंतव्य के रूप में बन रही है। यूरोपीय संघ के आंकड़ों के अनुसार, इन देशों से साइप्रस आने वाले पर्यटकों का अनुपात पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है। हालांकि, रूस और यूक्रेन के पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है, लेकिन नए यूरोपीय बाजारों ने इस कमी की भरपाई कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान आने वाले समय में और मजबूत होगा।

स्थानीय समुदाय और आर्थिक लाभ

ग्रामीण पर्यटन के विकास से साइप्रस के छोटे गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। स्थानीय होटल, रेस्तरां और गाइड के रोजगार के नए अवसर खुले हैं। जर्मनी, ब्रिटेन, पोलैंड और स्वीडन के पर्यटक अब लंबे समय तक रुकना पसंद करते हैं, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। साइप्रस पर्यटन संगठन का लक्ष्य है कि 2030 तक आधे से ज्यादा पर्यटक सालभर में आएं। साइप्रस पर्यटन संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, यह लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार काम हो रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास और विपणन अभियान जारी है। आने वाले समय में साइप्रस यूरोपीय पर्यटकों के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन के रूप में उभर सकता है। यूरोपीय पर्यटन आंकड़े भी इस दिशा में सकारात्मक संकेत दिखाते हैं।

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