ताइवान, भारत और दक्षिण कोरिया की यात्रियों के लिए चेतावनी
ताइवान, भारत और दक्षिण कोरिया ने यात्रियों को फर्जी वीजा पोर्टलों से सावधान किया है। इन नकली वेबसाइटों पर पासपोर्ट की जानकारी चोरी हो सकती है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइटों का उपयोग करें।
फर्जी वीजा पोर्टल कैसे करते हैं ठगी
ये नकली पोर्टल असली सरकारी वेबसाइटों जैसे दिखते हैं। ये एजेंट यात्रियों से वीजा के नाम पर भारी शुल्क वसूलते हैं। कई साइटें आगमन फॉर्म के लिए भी पैसे मांगती हैं। जबकि यह फॉर्म आधिकारिक तौर पर मुफ्त होता है। इससे यात्रियों का पैसा और व्यक्तिगत डेटा दोनों खतरे में पड़ जाता है।
पासपोर्ट डेटा चोरी का बड़ा खतरा
इन फर्जी वेबसाइटों पर पासपोर्ट नंबर, जन्मतिथि और फोटो अपलोड करने को कहा जाता है। यह जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लग सकती है। चोरी हुई जानकारी से पहचान चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी हो सकती है। यात्रियों को अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए।
आधिकारिक वेबसाइटों का ही करें उपयोग
यात्रा से पहले संबंधित देश के दूतावास की वेबसाइट जरूर देखें। वीजा और आगमन फॉर्म की जानकारी केवल सरकारी पोर्टल से लें। किसी भी संदिग्ध साइट पर भुगतान न करें। अपने पासपोर्ट की जानकारी साझा करने से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता जांचें।
साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
यात्रियों को मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करना चाहिए। सार्वजनिक वाई-फाई पर संवेदनशील जानकारी न भरें। किसी भी धोखाधड़ी की शिकायत तुरंत साइबर सेल में करें। सतर्क रहकर ही डिजिटल ठगी से बचा जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए ताइवान विदेश मंत्रालय और भारतीय विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
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