IndiGo का ₹900 करोड़ कस्टम रिफंड दावा — जानें वजह

indigo-900cr-customs-refund-claim

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo Airlines ने केंद्र सरकार के कस्टम विभाग के समक्ष करीब ₹900 करोड़ के कस्टम ड्यूटी रिफंड का दावा किया है। यह मामला मुख्य रूप से एयरक्राफ्ट लीजिंग, इंपोर्ट ड्यूटी और कस्टम नियमों की व्याख्या से जुड़ा हुआ है।

IndiGo अपने अधिकांश विमानों को विदेशी लीजिंग कंपनियों से ड्राई लीज पर लेती है। एयरलाइन का तर्क है कि लीज पर लाए गए विमान, इंजन और स्पेयर पार्ट्स को स्थायी आयात नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में कस्टम नियमों के तहत ड्यूटी में छूट या रिफंड का प्रावधान है, खासकर तब जब विमान तय अवधि के बाद री-एक्सपोर्ट कर दिए जाते हैं।

एयरलाइन का कहना है कि पूर्व वर्षों में कुछ विमानों और पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी जमा कराई गई, जो बाद में नियमों के अनुसार रिफंड योग्य पाई गई। इसी आधार पर IndiGo ने लगभग ₹900 करोड़ की राशि वापस मांगी है।

वहीं कस्टम विभाग का रुख सख्त है। विभाग के अनुसार, किसी भी रिफंड के लिए दस्तावेज़ों की गहन जांच, उपयोग की पुष्टि और नियमों के अनुपालन का सत्यापन जरूरी है। इसी कारण यह मामला फिलहाल प्रशासनिक और कानूनी समीक्षा के दौर से गुजर रहा है।

यह मामला भारतीय एविएशन सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा है। यदि IndiGo के पक्ष में फैसला आता है, तो इससे न सिर्फ एयरलाइन की वित्तीय स्थिति को राहत मिलेगी, बल्कि अन्य एयरलाइंस के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।

Related: Air India ने चीन में Aviation Management को GSA नियुक्त