Kashmir की रमणीय पहाड़ियों के बीच 17वीं ATOAI वार्षिक कॉन्फ्रेंस सम्पन्न हुई। यह मंच साहसिक पर्यटन के लिए नई पुनर्जागरण क्षमता का स्पष्ट संकेत देता है। पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, एडवेंचर टूर ऑपरेटर और विशेषज्ञ एक साथ जुटे रहे। सम्मेलन ने जम्मू-कश्मीर को भारतीय पर्यटन का मुकुट माना और उसकी महत्ता पर बल दिया। उसके भविष्य के लिए ठोस रोडमैप की मांग उठी है और यह आयोजन नीति-निर्माताओं के साथ उद्योग के गहरे सहयोग को रेखांकित करता है। आगे जानकारी हेतु Ministry of Tourism देखें।












